इस्लामाबाद: भारत के पहलगाम में हाल ही में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद उत्पन्न राजनयिक तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कहा है कि भारत में फंसे अपने नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए वाघा सीमा को खुला रखा जाएगा। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए थे।
-पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने जारी किया ब्यान
इस संवेदनशील स्थिति को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने बताया कि बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक, जो भारत में चिकित्सा इलाज या पारिवारिक कारणों से आए थे, बिना इलाज या यात्रा पूरी किए ही लौटने को मजबूर हो गए हैं। कई मामलों में बच्चों और अभिभावकों के बीच बिछड़ने जैसी दर्दनाक स्थितियां भी सामने आई हैं।
बयान में कहा गया, “हमारे कई नागरिक अभी भी अटारी सीमा के भारतीय भाग में फंसे हुए हैं। भारत द्वारा तय 30 अप्रैल की समयसीमा के बावजूद, हम वाघा सीमा को खुला रखेंगे, ताकि यदि भारत की ओर से अनुमति दी जाती है, तो हमारे नागरिक सुरक्षित घर लौट सकें।” पाकिस्तान ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यह सीमा मानवीय आधार पर खुली रहेगी।
-दोनों देशों के नागरिकों को अप्रत्याशित संकट
भारत और पाकिस्तान के बीच वीजा रद्द करने की इस कार्रवाई ने दोनों देशों के नागरिकों को अप्रत्याशित संकट में डाल दिया है। विशेष रूप से उन परिवारों के लिए यह समय बेहद कठिन रहा है जो जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाओं के लिए भारत आए थे। मीडिया रिपोर्टों में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें अपने दो बच्चों का हृदय रोग का इलाज कराने भारत आए एक पाकिस्तानी परिवार को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और मानवीय सहयोग पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि वाघा सीमा को खुला रखने का पाकिस्तान का निर्णय न सिर्फ मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है, बल्कि इस तनावपूर्ण समय में फंसे नागरिकों को राहत भी पहुंचा सकता है।
ये भी पढ़ें- ‘Swayambhu’ में Nikhil Siddhartha का रोल क्यों है सबसे अलग? डायरेक्टर ने बताया सच
मेष: दिन शुभ रहेगा...