वर्तमान वर्ष चीन और मोजाम्बिक के बीच राजनयिक सम्बंध की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है। हाल ही में मोजाम्बिक के राष्ट्रपति डेनियल फ्रांसिस्को चापो ने चाइना मीडिया ग्रुप को एक विशेष साक्षात्कार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के सम्बंध का स्रोत मोजाम्बिक के राष्ट्रीय स्वतंत्रता संघर्ष में था। वर्ष 1975 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद मोजाम्बिक ने चीन के साथ औपचारिक कूटनीतिक सम्बंध स्थापित किया। अब दोनों देशों के सम्बंध उच्च स्तर स्तर पर हैं।
राष्ट्रपति चापो ने कहा कि मापुटो कटेम्बे ब्रिज चीन की सहायता द्वारा निर्मित था, जो अफ्रीका में सबसे बड़ा सस्पेंशन ब्रिज है। वह दोनों देशों की मित्रता और सहयोग का एक प्रतीक है। बुनियादी संस्थापन के सुधार के साथ मोजाम्बिक अधिक विकास के मौके प्राप्त करेगा। मुझे चीन की यह बात बहुत पसंद है कि अगर आप धनी होना चाहते हैं, तो पहले मार्ग का निर्माण करें।
राष्ट्रपति चापो ने बताया कि मोजाम्बिक की कृषि स्थित बहुत अच्छी है। यहां लगभग सभी फसलें उगायी जा सकती हैं। हम चीनी दोस्तों का मोजाम्बिक में आने का स्वागत करते हैं। चीनी तकनीक का उपयोग कर हम अधिक धान, कैश्यू, दाल व मकई का उत्पादन कर सकेंगे। यह दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा के लिए मददगार है। दोनों देशों की मित्रता और सहयोग गहरा होगा। हम कृषि क्षेत्र में चीन के साथ और अधिक घनिष्ठ सम्बंध स्थापित करना चाहते हैं।
राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत दो पहाड़ अवधारणा यानी स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ मूल्यवान संपत्ति है की चर्चा में राष्ट्रपति चापो ने कहा कि यह एक महान विचार है। मैं दो पहाड़ अवधारण के चीन में सफल कार्यांवयन की बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि दो पहाड़ अवधारणा आगे के रास्ते पर प्रकाश डालेगी। विश्व के विभिन्न देशों को इस अवधारणा का पालन कर प्रकृति का अच्छा संरक्षण करना चाहिए।
साक्षात्कार में राष्ट्रपति चापो ने विश्वास जताया कि भविष्य में कृषि, उद्योग, पर्यटन, खनन, ऊर्जा और बुनियादी संस्थापन में मोजाम्बिक और चीन का सहयोग ज़रूर ही मजबूत होता रहेगा और अधिकाधिक ठोस उपलब्धियां पैदा होंगी, जिससे दोनों देशों की जनता को कल्याण मिलेगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

