इंटरनेशनल डेस्क : हाल ही में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री कार्यालय में चाइना मीडिया ग्रुप के (सीएमजी) संवाददाता को एक विशेष साक्षात्कार दिया। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मलेशिया यात्रा की चर्चा करते हुए कहा कि शी की यात्रा न केवल मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध एक नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। मलेशिया और आसियान सभी देशों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने, तटस्थता और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांत को बनाए रखने की वकालत करते हैं। मलेशिया और चीन के बीच कोई समस्या नहीं है। मलेशिया का मानना है कि चीन के साथ अपने संबंधों को न केवल बनाए रखना बल्कि उसे और मजबूत करना भी आवश्यक है।
अनवर ने चीन-मलेशिया सम्बंधों के विकास की सराहना की। उनका मानना है कि चीन और मलेशिया की सांस्कृतिक जड़ें समान हैं तथा शासन के दर्शन भी समान हैं, तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक गुंजाइश है। अनवर ने कहा कि वह संस्कृति और सभ्यता पर राष्ट्रपति शी के विचारों से पूरी तरह सहमत हैं। उनका मानना है कि राष्ट्रपति शी गहन मानवतावादी भावनाओं वाले नेता हैं। विश्व को साझा समृद्धि प्राप्त करने के लिए सभ्यताओं के बीच आपसी सीख और मतभेदों को समाप्त करने की आवश्यकता है।
अनवर ने यह भी कहा कि मलेशिया और चीन के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान का हजारों वर्षों का लम्बा इतिहास है। जैसा कि हम जानते हैं, पिछले दो वर्षों में मलेशिया ने अपने बाहरी संबंधों को मजबूत करना जारी रखा है, इसलिए हमने चीन से निवेश में वृद्धि, व्यापार में मजबूती, विश्वविद्यालयों में सहयोग में वृद्धि तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसरों में वृद्धि देखी है। साथ ही, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग व्यापक रूप से गहरा हुआ है और मलेशिया को इससे काफी लाभ हुआ है। उदाहरण के लिए, रोजगार, बुनियादी ढांचे के निर्माण, होटल, खानपान आदि क्षेत्रों में हमारे देश और लोगों को ठोस लाभ प्राप्त हुआ है, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और उद्योग के क्षेत्र में।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

