Last Updated: October 6, 2026

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मानव जाति के साझा भविष्य वाला समुदाय : सभी के लिए साझा भविष्य बनाना

March 23, 2025

मानव जाति के साझा भविष्य वाला समुदाय : सभी के लिए साझा भविष्य बनाना

इंटरनेशनल डेस्क : “मानव जाति एक ही वैश्विक गांव में, एक ही स्थान और समय में रहती है जहां इतिहास और वास्तविकता एक दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं, और हम तेजी से एक साझा भविष्य वाला समुदाय बनते जा रहे हैं जहां हम एक दूसरे का हिस्सा हैं।”

12 साल पहले 23 मार्च को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रूसी संघ के विदेश मंत्रालय के मॉस्को अंतर्राष्ट्रीय संबंध विश्वविद्यालय में एक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने पहली बार दुनिया के सामने मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय की अवधारणा पेश की।

वसुधैव कुटुंबकम, सभी देशों के बीच सद्भाव और मनुष्य व प्रकृति के बीच सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व की अवधारणा चीनी राष्ट्र की उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृति है। यह मानव जाति के साझा भाग्य वाले समुदाय के निर्माण की अवधारणा का सांस्कृतिक स्रोत भी है।

पिछले 12 वर्षों में, शी चिनफिंग ने कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अवसरों पर मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला है, और “स्थाई शांति, सार्वभौमिक सुरक्षा, आम समृद्धि, खुला व समावेशी, स्वच्छ व सुन्दर वाले विश्व” के निर्माण का चीन का प्रस्ताव रखा है। 

इसके साथ ही, राष्ट्रपति शी ने क्रमिक रूप से “बेल्ट एंड रोड” पहल, वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल और वैश्विक सभ्यता पहल का प्रस्ताव रखा है, जिससे मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय की अवधारणा के अर्थ और व्यावहारिक मार्ग को समृद्ध किया गया है। 

मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को कैसे बढ़ाया जाए?राष्ट्रपति शी द्वारा दिया गया उत्तर “पांच डटा रहना” है:संवाद और परामर्श पर डटा रहना, सह-निर्माण और साझाकरण पर डटा रहना, जीत-जीत सहयोग पर डटा रहना, आदान-प्रदान और आपसी सीख पर डटा रहना, और हरित व कम कार्बन पर डटा रहना। 

पिछले 12 वर्षों में, अधिक से अधिक देश मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की कतार में शामिल हुए हैं। 100 से अधिक देशों ने “तीन प्रमुख वैश्विक पहल” का समर्थन किया है, और तीन चौथाई से अधिक देश “बेल्ट एंड रोड” पहल में शामिल हुए हैं।

अधिक से अधिक लोगों को यह एहसास हो रहा है कि वैश्विक विकास और सुरक्षा मुद्दों के सामने, कोई भी देश अपने दम पर जीवित नहीं रह सकता है। यदि कोई देश खुद को विकसित करना चाहता है, तो उसे दूसरों को विकसित होने देना चाहिए। यदि वह सुरक्षित रहना चाहता है, तो उसे दूसरों को सुरक्षित रहने देना चाहिए। यदि वह अच्छी तरह से जीना चाहता है, तो उसे दूसरों को अच्छी तरह से जीने देना चाहिए।

मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय की ओर बढ़ने के लिए मिलकर काम करने से यह विश्व सभी देशों के लिए एक आदर्श दुनिया बन जाएगा और भविष्य सभी के लिए एक साझा भविष्य बन जाएगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

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