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पर्यावरण संरक्षण को केंद्रित “दो पर्वत” की अवधारणा

चीन का राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस 15 अगस्त है। इस दिन को जागरूकता बढ़ाने और पारिस्थितिकीय पर्यावरण की रक्षा के लिए कदम उठाने के उद्देश्य से घोषित किया था। 15 अगस्त, 2005 को, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की झेजियांग प्रांतीय समिति के सचिव के नाते पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के अंजी काउंटी स्थित युकुन गाँव का निरीक्षण किया। वहाँ उन्हें पता चला कि युकुन ने तीन चूना पत्थर खदानों और एक सीमेंट कारखाने को बंद कर दिया है, जो गाँव की वार्षिक आय का 95 प्रतिशत हिस्सा था। शी ने इसे एक बुद्धिमानी भरा निर्णय बताया और पहली बार यह महत्वपूर्ण अवधारणा सामने रखी कि “ स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ अनमोल संपत्ति है।”

पीपुल्स डेली की एक टिप्पणी में भी इस अवधारणा को “चीन की पारिस्थितिकीय सभ्यता के निर्माण की आधारशिला” बताया गया है, जिसने “वैश्विक हरित विकास के लिए ज्ञान की ज्योति जलाई है”। चीन के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट में भी चीन को “वैश्विक पारिस्थितिक परिवर्तन” में अग्रणी बताया गया है, जिसमें पेरिस समझौते के लिए शी चिनफिंग के “दृढ़ समर्थन” और चीन के कार्बन पीकिंग और कार्बन तटस्थता के प्रति उनकी “महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता” पर ज़ोर दिया गया है। यह अवधारणा कभी-कभी चीन के अंग्रेज़ी मीडिया में “ स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ अनमोल संपत्ति है” या “दो पर्वत सिद्धांत” कहा जाता है, राष्ट्रपति शी चिनफिंग की देन है।

 

शी ने यह टिप्पणी 15 अगस्त 2005 को झेजियांग प्रांत के एक खनन शहर अंजी काउंटी के निरीक्षण के दौरान की थी, जब वह प्रांत के शीर्ष कम्युनिस्ट प्रमुख थे। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और देश के नेता बनने के बाद इसे “वैज्ञानिक निर्णय” के रूप में स्वीकार कर लिया गया। जिसे 19वीं सीसीपी राष्ट्रीय कांग्रेस में राष्ट्रपति की रिपोर्ट और 2017 में पार्टी संविधान में भी शामिल किया गया । बाद में यह “पारिस्थितिकीय सभ्यता पर शी चिनफिंग के विचार” का एक मुख्य सिद्धांत बन गया, जिसका आधिकारिक रूप से 2018 में सामने आया। 

चीन में राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस पहली बार 2023 में मनाने की शुरूआत हुई और इसी दिन शी चिनफिंग ने पहली बार “दो पर्वत” अवधारणा का उल्लेख किया था। जून 2023 में शिन्हुआ की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि यह स्मरणोत्सव “पारिस्थितिकीय सभ्यता पर शी चिनफिंग के विचार” को बेहतर ढंग से प्रचारित करने में मदद करेगा और साथ ही पारिस्थितिक संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लोगों की जागरूकता और कार्यों को भी बढ़ाएगा। 

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की “दो पर्वत”, “ स्वच्छ पानी और हरित पहाड़ अनमोल संपत्ति है “, की अवधारणा एक तरह से पारिस्थितिकीय परिवर्तन पर अहम चिंता जाहिर करता है। मान्यता है कि इसकी भूमिका एक अध्ययन के बाद बनी, जिसमें, ग्वांशी को मौजूदा नीतियों के लिहाज से पाँच भूमि क्षेत्रों में विभाजित किया गया था और उनकी तीन चरणों में पारिस्थितिकीय और आर्थिक मूल्यों के विकास के क्रम में हो रहे बदलावों के संदर्भ में अध्ययन किया गया था। इसी लिहाज से यह अवधारणा विकसित हुई है। 

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)  (लेखक— उमेश चतुर्वेदी)

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