इसमें अटलांटा, शिकागो, ‘यूस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूत भी शामिल हुए। अमेरिका में कुछ भारतीयों और भारतीय छात्रों की हाल में हुई मौतों की पृष्ठभूमि में यह बैठक महत्वपूर्ण है। रंगनाथन ने बैठक के दौरान छात्रों से दूतावास या वाणिज्य दूतावासों और प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़े रहने के तरीकों पर चर्चा की। छात्रों से आग्रह किया गया कि वे अमेरिका में पढ़ने वाले छात्रों के
लिए दूतावास तथा वाणिज्य दूतावासों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों, इसकी वेबसाइटों पर पंजीकरण, छात्र सुरक्षा एवं कल्याण से संबंधित पहलुओं और आपात स्थिति में भारतीय राजनयिक मिशनों से संपर्क करने के बारे में अमेरिका में साथी भारतीय छात्रों को भी बताएं। छात्रों ने दूतावास एवं वाणिज्य दूतावासों, विश्वविद्यालय अधिकारियों, प्रवासी संगठनों और अन्य हितधारकों के प्रयासों के साथ तालमेल बिठाने कीदिशा में उपयोगी सुझाव प्रस्तुत किए।

