Global Cultural Diversity : नमस्ते, हेलो, नी हाओ चाहे जैसे भी कहें एक दूसरे से बात करने का तरीक़ा यही है की आप किसी भाषा का प्रयोग करें, भाषा वह प्रणाली है जिसका उपयोग मनुष्य अपने विचारों, भावनाओं और ज्ञान को व्यक्त करने और दूसरों तक पहुंचाने के लिए करते हैं। यह एक सामाजिक क्रिया है जो ध्वनि, शब्द, वाक्य और अर्थ जैसे तत्वों से बनी होती है|
आज हम बात करेंगे चीनी भाषा यानी मेंड्रिंन की.. चीनी भाषा की कुछ महत्वपूर्ण बातें यह हैं कि यह दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, इसमें कई बोलियाँ और लिपि हैं, और यह एक स्वरभेदी भाषा है, जिसका अर्थ है कि शब्दों का अर्थ उसके स्वर में भिन्न होता है| उदाहरण के लिए, “ma” शब्द का अर्थ “माँ”, “घोड़ा”, “तोलना” या “धिक्कार” हो सकता है, यह इस पर निर्भर करता है कि इसे किस स्वर में कहा गया है| चीनी भाषा में एक समृद्ध और प्राचीन साहित्य और संस्कृति है। चीनी भाषा के साहित्य में उपन्यास, कविता, नाटक और इतिहास शामिल हैं चीनी भाषा आज के व्यापार और व्यवसाय में एक महत्वपूर्ण भाषा है। यदि आप चीन के साथ व्यापार करना चाहते हैं या चीनी बाजार में काम करना चाहते हैं, तो चीनी भाषा का ज्ञान बहुत उपयोगी होगा|
संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषाओं का इतिहास, जिसे डैग हैमरशॉल्ड लाइब्रेरी द्वारा प्रस्तुत किया गया है, यह बताता है कि संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में से प्रत्येक कब आधिकारिक बनी, इसकी शुरुआत 1946 से हुई। वैश्विक संचार विभाग ने संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में से प्रत्येक के लिए भाषा दिवस स्थापित किए हैं। संयुक्त राष्ट्र के भाषा दिवसों का उद्देश्य बहुभाषावाद और सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाना है, साथ ही संगठन में सभी छह आधिकारिक भाषाओं के समान उपयोग को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत, दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र के ड्यूटी स्टेशन छह अलग-अलग दिन मनाते हैं, जिनमें से प्रत्येक संगठन की छह आधिकारिक भाषाओं में से एक को समर्पित होता है। संयुक्त राष्ट्र में भाषा दिवस का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ जानकारी देना भी है, जिसका लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र समुदाय के बीच छह कामकाजी भाषाओं में से प्रत्येक के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़ाना है।
संयुक्त राष्ट्र ने 2010 में चीनी भाषा और संस्कृति के योगदान को सम्मानित करने के लिए *”संयुक्त राष्ट्र चीनी भाषा दिवस”* की घोषणा की थी। यह दिवस प्रतिवर्ष *20 अप्रैल* को मनाया जाता है और यह बहुभाषावाद तथा सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने की संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चीनी भाषा संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में से एक है और दुनिया में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इस दिवस का उद्देश्य चीनी भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।
चीनी भाषा, संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में से एक है। यह न केवल विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में शामिल है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी अपार है। चीनी साहित्य, दर्शन, कला, विज्ञान और वास्तुकला ने न केवल पूर्वी एशिया, बल्कि सम्पूर्ण विश्व की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है।
वर्तमान समय में विश्वभर में “चीनी बुखार” या “Chinese Fever” देखा जा रहा है, जहां लाखों लोग चीनी भाषा और संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं। विश्व के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्कूलों और भाषा संस्थानों में मंदारिन सीखने वाले छात्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसके पीछे न केवल चीन की आर्थिक और तकनीकी प्रगति है, बल्कि उसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर भी लोगों को आकर्षित कर रही है।
पारंपरिक चीनी चिकित्सा, ताई ची, चीनी व्यंजन, चाय संस्कृति और कन्फ्यूशियस के सिद्धांत आज विश्वभर में सम्मान और अनुसरण पा रहे हैं। चीनी नववर्ष, मध्य शरद महोत्सव और अन्य पारंपरिक त्योहार अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाए जा रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र चीनी भाषा दिवस, न केवल एक भाषा के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि वैश्विक स्तर पर विविध भाषाओं और संस्कृतियों का अस्तित्व, मानवता की एकता और शांति के लिए आवश्यक है। यह वैश्विक सांस्कृतिक विविधता को मजबूत करने की एक पहल भी है। “चाइनीज फीवर” इस बात का प्रमाण है कि ना सिर्फ़ चीनी भाषा और संस्कृति का प्रभाव दुनिया भर में लगातार बढ़ रहा है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक सेतु है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ रहा है। यह अवसर है कि हम चीनी भाषा और संस्कृति के अद्भुत योगदान को पहचानें और वैश्विक संवाद में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करें।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)

