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क्या होते हैं Cyber Dome, आयरन और गोल्डन डोम से कितने अलग? बनाने में जुटा दुनिया का ये देश

cyber dom

इंटरनेशनल डेस्क : समय के साथ युद्ध के तरीकों में तेजी से बदलाव आज देखने को मिल रहे हैं। बीते कई साल से कई देशों के बीच या तो संघर्ष हो चुका है या लड़ाई चल रही है। जमीन के बजाय अब लड़ाइयां आसमान में लड़ी जाने लगी हैं। जिस देश की एयर पावर अधिक होगी, वह देश उतना ही ताकतवर माना जाएगा। आपको इजरायल के बारे में पता होगा कि उसके पास शक्तिशाली आयरन डोम हैं।

बीते दिनों ये भी खबर आई थी कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश यूएस भी अब अपने यहां गोल्डन डोम बना रहा है। अब यूरोपीय देश जर्मनी को लेकर बात सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक अब जर्मनी भी साइबर डोम बनाने के लिए काम कर रहा है। एक दिन पहले जर्मनी के आंतरिक मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने कहा था कि वह एक रिसर्च सेंटर बनाएगा, जिसमें इजरायल सहयोग करेगा। अब जर्मनी ने साइबर डोम बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

आपसी सहयोग मजबूत करने पर जोर

जर्मनी की खुफिया एजेंसी बीएनडी है। इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद है। दोनों देश आपसी सहयोग मजबूत करना चाह रहे हैं। दोनों देश साइबर सिक्योरिटी की दिशा में आगे काम करना चाहते हैं। दोनों देशों की सोच ड्रोन्स को लेकर तकनीक और डेवलप करने की है। लोगों की सुरक्षा को भी दोनों देश बेहतर बनाना चाह रहे हैं।

आयरन डोम को एयर स्ट्राइक रोकने में माहिर माना जाता है। हमास और ईरान की अधिकतर मिसाइलों को इसकी मदद से गिरा दिया गया। अब जर्मनी भी डिजिटली स्ट्राइक रोक ऐसी तकनीक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

डोब्रिंट ने किया इजरायल का दौरा

डोब्रिंट इससे पहले इजरायल के बटयाम इलाके का दौरा करने पहुंचे थे। यह वही इलाका है, जहां ईरान की ओर से जोरदार मिसाइल हमला किया गया था। बता दें कि 14 जून की रात को यहां सैकड़ों लोग जख्मी हुए थे। वहीं, 3 बच्चों समेत 9 लोगों की जान चली गई थी। दौरे के दौरान इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन भी मौजूद रहे। हमले के चलते चारों तरफ इमारतों का मलबा भी फैला दिखा।

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