नेशनल डेस्क: पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित हैकर समूहों ने, जैसे “साइबर ग्रुप HOAX1337” और “नेशनल साइबर क्रू”, भारत की कुछ वेबसाइटों को हैक करने का असफल प्रयास किया है। हालांकि, साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने इन हमलों की तुरंत पहचान की और उन्हें निष्प्रभावी बना दिया।
निशाने पर कौन-कौन सी वेबसाइटें थीं?
इन हैकरों ने आर्मी पब्लिक स्कूल नगरोटा और सुंजवान की वेबसाइटों को निशाना बनाया। इन वेबसाइटों को विकृत करने का प्रयास किया गया और उनके पृष्ठों पर पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों का मजाक उड़ाने वाले संदेश डाले गए। इसके अलावा, भूतपूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक वेबसाइट को भी हैक किया गया, जो पाकिस्तान की बढ़ती हताशा का संकेत है। साइबर हमले पाकिस्तान द्वारा बच्चों, वृद्ध दिग्गजों और अन्य निर्दोष लोगों से जुड़ी वेबसाइटों पर किए गए हैं। यह उनकी ओर से भारत को उकसाने के लिए किए गए अनैतिक प्रयासों का हिस्सा है।
पाकिस्तान की निरंतर कोशिशें
पाकिस्तान से संचालित हैकर्स ने भारतीय सेना और वायु सेना की वेबसाइटों पर भी हमले करने की कोशिश की। इन हमलों का उद्देश्य डिजिटल युद्धक्षेत्र में तनाव बढ़ाना और पाकिस्तान के भारत के खिलाफ लंबे समय से चल रहे साइबर और सूचना युद्ध को तेज़ करना था।
पाकिस्तान ने पहले 29 अप्रैल को भारत के राष्ट्रीय नेटवर्कों को “अभेद्य” पाया और इसके बाद उसने अपनी साइबर हमलों की दिशा को सुलभ कल्याण और शैक्षिक वेबसाइटों की ओर मोड़ लिया। “आईओके हैकर” नामक समूह ने इन वेबसाइटों पर पृष्ठों को खराब करने, ऑनलाइन सेवाओं को बाधित करने और व्यक्तिगत जानकारी चुराने का प्रयास किया। हालांकि, भारत की मजबूत साइबर सुरक्षा ने इन घुसपैठों को त्वरित रूप से पकड़ लिया और पाकिस्तान में होने की पुष्टि की।
चार प्रमुख घटनाओं का खुलासा
साइबर सुरक्षा खुफिया जानकारी में चार प्रमुख घटनाओं की पुष्टि हुई। इनमें आर्मी पब्लिक स्कूल श्रीनगर और रानीखेत की वेबसाइटें शामिल थीं, जिन पर भड़काऊ प्रचार डाला गया। इसके अलावा, सेना कल्याण आवास संगठन (AWHO) के डेटाबेस में सेंध लगाने का प्रयास किया गया और भारतीय वायु सेना के प्लेसमेंट संगठन की वेबसाइट पर भी हमला किया गया। सभी चार वेबसाइटों को तुरंत अलग कर दिया गया और फिर से सुरक्षित किया गया। इनमें से कोई भी हमला भारतीय परिचालन या वर्गीकृत नेटवर्क को प्रभावित नहीं कर सका।
गोलीबारी की घटनाएं
पाकिस्तान द्वारा 1 मई की रात और 2 मई की सुबह नियंत्रण रेखा के पार छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने इसका प्रभावी तरीके से जवाब दिया। यह गोलीबारी पहलगाम आतंकी हमले के 25 दिन बाद शुरू हुई थी, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की गोलीबारी का संतुलित और आनुपातिक तरीके से जवाब दिया, और सीमा पर स्थिति को नियंत्रण में रखा।

