Site icon Dainik Savera Times

नए युग में शीशे पर लिखी विकास गाथा– शीत्सांग (तिब्बत) की प्रगति

default

नए युग में शीत्सांग (तिब्बत) ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में जो तीव्र और व्यापक विकास हासिल किया है, वह मानवीय अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में शीत्सांग ने ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं, जिसने न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है, बल्कि सामाजिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा विकास में भी उल्लेखनीय प्रगति की है।

इस वर्ष शीत्सांग स्वायत्त क्षेत्र की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ है। 1951 में, शीत्सांग को शांतिपूर्ण ढंग से आज़ाद कर दिया गया और 1965 में शीत्सांग स्वायत्त क्षेत्र की आधिकारिक स्थापना हुई, जिसने इसके इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। इसकी स्थापना के बाद से 60 वर्ष असाधारण रहे हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के नेतृत्व में, शीत्सांग क्षेत्र ने एक समाजवादी व्यवस्था स्थापित की है, सुधार और खुलेपन को आगे बढ़ाया है, सभी मामलों में एक मध्यम रूप से समृद्ध समाज प्राप्त किया है, और राष्ट्र के साथ मिलकर समाजवादी आधुनिकीकरण के पथ पर अग्रसर हुआ है।

शीत्सांग स्वायत्त क्षेत्र में स्थिर आर्थिक वृद्धि देखी गई है, और इसका क्षेत्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2024 में 276.5 अरब युआन (38.52 अरब डॉलर) तक पहुँच गया, जो 1965 (जब इस स्वायत्त क्षेत्र की स्थापना हुई थी) की तुलना में 155 गुना अधिक है। इस क्षेत्र की औसत वार्षिक वृद्धि दर भी 8.9 प्रतिशत रही है, और इस वर्ष जीडीपी 300 अरब युआन को पार करने का अनुमान है। इस क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं – अंधकार से प्रकाश की ओर, पिछड़ेपन से प्रगति की ओर, गरीबी से समृद्धि की ओर, निरंकुशता से लोकतंत्र की ओर, और अलगाव से खुलेपन की ओर। सामाजिक उत्पादकता में व्यापक रूप से मुक्ति और विकास हुआ है, जिससे “कुछ ही दशकों में हज़ारों वर्षों की छलांग” लगाने का मानवीय चमत्कार हुआ है। पिछले दशकों में, केंद्र सरकार ने शीत्सांग के सामाजिक-आर्थिक विकास को बहुत महत्व दिया है, इस क्षेत्र के विकास में सहायता के लिए प्रतिभाओं और संसाधनों को निर्देशित किया है, सड़क, रेलमार्ग और हवाई संपर्क जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं ने इस क्षेत्र के अन्य प्रांतों और क्षेत्रों के साथ-साथ दुनिया भर के साथ संपर्क को मज़बूत किया है, जिससे इसकी कृषि उपज और औद्योगिक उत्पाद विदेशों में पहुँच रहे हैं। इनसे स्वायत्त क्षेत्र को घरेलू प्रचलन में एकीकृत करने, स्थानीय उपज का मूल्यवर्धन करने और देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिली है।

हाल ही में शीत्सांग की यात्रा कर लौटे भारतीय पत्रकार और हिंदी खबर न्यूज़ नेटवर्क के एडिटर इन चीफ श्री अतुल अग्रवाल से CMG को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि उनकी शीत्सांग की यात्रा बहुत शानदार और अद्भुत रही, अतुल बताते हैं कि शीत्सांग बहुत खूबसूरत है और वहाँ का विकास वाकई चकित करने वाला है। एक भारतीय होने के नाते सबसे अहम हो जाता है कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन करना अतुल बताते हैं कि कैलाश पर्वत के दर्शन करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता वो अपने आप को भाग्यशाली मानते हैं। वह इस यात्रा के लिए चाइना मीडिया ग्रुप का बहुत आभार व्यक्त करते हैं जिसने उन्हें कैलाश पर्वत की यात्रा करने का सुखद अनुभव प्रदान किया। 

अतुल शीत्सांग के स्थानीय विकास को देखकर स्तब्ध है और अपने अनुभव साझा करते हुए बताते हैं कि इतनी उचाई पर कैसी चीन की सरकार ने इतना अच्छा काम किया है। अतुल कहते है कि वहाँ पर इतनी हरियाल देखकर वह आश्चर्यचकित रह गए चूँकि शीत्सांग एक पठार है और पठार पर हरियाली और वनस्पति ना के बराबर होते हैं, मगर चीनी सरकार के कठोर प्रयासों से यह संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि कैसे चीन की सरकार ने शीत्सांग में सड़कों का जाल बिछाया है, पहाड़ों को काटकर उसने से सड़क निर्माण किया है, वहाँ वनस्पति, फल, फुल आदि उगाये जा रहें हैं। इन सब चीजों को देखकर हैरानी होती है। 

अतुल कहते हैं कि इस सबसे बाकी देशों को भी सीखना चाहिए और भारत को भी चीन की तरह अपने पठार वाले इलाक़ों में भी इसी तरह विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शीत्सांग के विकास का मॉडल बाक़ी देशों को भी अपनाना चाहिए जिससे उनके इलाक़े में भी विकास हो सके। चीन की सरकार ने सड़क, रेलमार्ग और हवाई संपर्क जैसी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं ने इस क्षेत्र के अन्य प्रांतों और क्षेत्रों के साथ-साथ दुनिया भर के साथ संपर्क को मज़बूत किया है, जिससे इसकी कृषि उपज और औद्योगिक उत्पाद विदेशों में पहुँच रहे हैं। इनसे स्वायत्त क्षेत्र को घरेलू प्रचलन में एकीकृत करने, स्थानीय उपज का मूल्यवर्धन करने और देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिली है। 

अतुल के अनुभव से पता चलता है कि केवल सीपीसी के नेतृत्व में – चीनी विशेषताओं के साथ समाजवाद के मार्ग का दृढ़तापूर्वक पालन करके, क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता प्रणाली को कायम रखकर और उसमें सुधार करके, तथा नए युग में शीत्सांग पर शासन करने के लिए पार्टी की रणनीति को लागू करके – शीत्सांग आज जो समृद्धि और प्रगति प्राप्त कर रहा है उसे प्राप्त कर सकता है और एक और भी उज्जवल भविष्य को अपना सकता है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)  (लेखक—देवेंद्र सिंह)

Exit mobile version