Last Updated: November 7, 2026

Dainik Savera Times Logo

चाइनीज़ स्वाद की खोज: वो बातें जो आप नहीं जानते थे

August 7, 2025

चाइनीज़ स्वाद की खोज: वो बातें जो आप नहीं जानते थे

Discovering Chinese Taste : एक कहावत है कि इंसान को अपनी थाली से ज़्यादा पड़ोसी की थाली कुछ ज़्यादा ही पसंद आती है, और यही वजह रही कि हम स्वाद के पीछे अपने पड़ोसी देश चीन की थाली तक पहुंच गए हैं। आज आलम ये है कि चीन के व्यंजन और भारतीय व्यंजनों के मिश्रण से बनने वाले खानों की सूची में चीनी पकवान पहले नंबर पर हैं। चाइनीज़ फूड का स्वाद न केवल शाकाहारी बल्कि मांसाहारी में भी घुलमिल गया है। हिन्दी चीनी भाई-भाई के नारे को अमलीजामा पहनाने की कवायद अब थाली तक पहुंच गयी है।

चीन का चाइनीज़ फूड
चाइनीज़ फूड और भारत में उसकी लोकप्रियता के बारे में बात करने से पहले ये ज़रूरी है कि सबसे पहले हम ये जानें कि दरअसल चाइनीज़ फूड है क्या? और चाइनीज़ फूड अपने में क्या-क्या शामिल करता है? दरअसल, चीन एक बहुजातीय देश है। यहां की विभिन्न जातियों के अपने-अपने मुख्य आहार हैं। चाइनीज़ फूड में दबदबा मांसाहारी भोजन का ही है, साथ ही मांसाहारी के नाम पर सिर्फ़ चिकन और मटन ही नहीं बल्कि इसमें काफ़ी विविधता है- बीफ, पोर्क, बत्तख, मछली, झींगा आदि शामिल है।

अलग-अलग जातियां, अलग-अलग स्वाद
चीन में बहुसंख्यक हान लोगों को सुअर का मांस यानी पोर्क खाना ज्यादा पसंद है। ऐसा इसलिए क्योंकि हान लोगों में सुअर-पालन की परम्परा है। वहीं, अल्पसंख्यकों और सीमावर्ती जनजातियों की अपनी भोजन शैलियां हैं, जैसे- शिनच्यांग उइगुर स्वायत्त प्रदेश जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में हलाल मांस, कबाब, सींक कबाब और तिब्बत के याक का मांस आदि खाते हैं। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि चीनी लोग मांस के अलावा अन्य कुछ भी नहीं खाते। चीनी लोग चावल, आटा, सब्जियां ज्यादा खाते हैं और केवल तरकारियों में थोड़ा-सा मांस डालते हैं।

मौसम और खाने का रिश्ता
चीन में खाने में क्या खाया जाएगा ये इस बात पर भी निर्भर करेगा कि वहां मौसम, पर्यावरण कैसा है। चीन के अधिकांश भाग में सर्दी पड़ती है, और सर्दी से बचने के लिए फैट की बहुत ज्यादा जरूरत रहती है और फैट का एक महत्वपूर्ण स्रोत पशुओं का मांस होता है। चीन के अलग-अलग प्रान्तों में भोजन को लेकर काफी भिन्नताएं हैं और उनकी पाक शैली भी काफी अलग-अलग है।

चावल-सब्ज़ियों का भी है महत्व
चीन में मछली का मांस कच्चा या अधपका बहुत लोकप्रिय है। लेकिन जायका सिर्फ मांसाहार तक ही सिमटा हुआ है ये कहना एक तरह का भ्रम ही है। खाने में शाकाहार के भी काफ़ी विकल्प मौजूद हैं। चावल, मक्का या गेहूं के नूडल्स, सोयाबीन का पनीर (तोफ़ू) आदि मुख्य भोजन के रूप में और साथ में अनेक सब्जियां जैसे टमाटर, गाजर, गोभी, ब्रोकली, मटर, लौकी, कद्दू, आदि खूब मिलते हैं।

उत्तर और दक्षिण चीन के खाने में फर्क
यह भी बताना जरूरी है कि उत्तरी चीन के निवासियों को आटे से बनी चीजें बहुत ज्यादा पसंद है। खासतौर पर चीनी समोसा यानी कि च्याओ-त्ज, जो मुख्यरूप से पानी में उबाल कर पकाया जाता है। उन्हें यह सबसे ज्यादा पसंद है। दक्षिणी चीन के लोगों को चावल खाना ज्यादा पसंद है, वे चावल के आदी हैं। रोटियों जैसी आटे से बनी खाने की चीज़ें उनके लिए किसी केक की तरह होती हैं।

इसलिए चावल के बिना उनका पेट भर पाना मुश्किल होता है। इसका कारण यह है कि उत्तरी चीन में गेंहू की पैदावार अधिक होती है और दक्षिणी चीन में शुद्ध रूप से धान की पैदावार होती है। इस तरह चीन के दोनों भागों के निवासियों को अपना-अपना खाने की आदत है। हां, उत्तरी लोगों के स्वाद में ज्यादा नमक और दक्षिणी लोगों के स्वाद में थोड़ा मीठा जरूर होता है।

चीन की 8 बड़ी पाक शैलियां
चीन की 5 हज़ार साल पुरानी सभ्यता पाक कला में भी पीछे नहीं है। चीन की भोजन पकाने की आठ मुख्य शैलियां हैं- आनहुई, कैंटोनीज़, फ़ूच्येन, हुनान, शानतोंग, च्यांगसू, सछ्वान और चच्यांग। केंटोनीज़ भोजन में डिमसम आदि कई व्यंजन छोटी-छोटी मात्रा में परोसे जाते हैं तो च्यांगसू में तंदूरी मछली आदि का बाहुल्य है। बीजिंग की बीजिंग डक तो हमारे तंदूरी चिकन टिक्के की तरह मशहूर है।

शांगहाई के पास वाले इलाकों में समुद्री भोजन झींगे, केकड़े, घोंघे आदि लोकप्रिय हैं। सछ्वान शैली लहसुन, अदरक, लाल काली मिर्च, तिल, पिसी मूंगफली और अनेक मसालों, चटाकेदार चटनी आदि के कारण हम भारतीयों को इसका स्वाद खूब जीभ लगा हुआ है। तो केंटोनीज़ पाक शैली कम मिर्च मसाले वाले सादे भारतीयों को खूब भाती है। तो कुल जमा में ये है चीन के लोगों का आहार और उसे पकाने की अलग-अलग शैलियां।

(चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग)

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें