काहिरा: अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता संगठन डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) ने सोमवार को क्षेत्र में बढ़ते हमलों और संघर्ष के कारण सूडान के भुखमरी प्रभावित ज़मज़म शिविर में अपनी सहायता सेवाएं रोक दीं। मशहूर एमएसएफ को फ्रांसीसी नाम मेडेसिन सैंस फ्रंटियर्स से भी जाना जाता है।
एमएसएफ ने बताया कि उत्तरी दारफुर के इस शिविर में सूडानी सेना और उसकी प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच संघर्ष तेज हो गया है। संगठन ने एक बयान में कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि हजारों विस्थापित लोगों को जीवनरक्षक मानवीय सहायता प्रदान करना असंभव हो गया है। एमएसएफ ने ज़मज़म में अपनी सभी सेवाएं निलंबित कर दी हैं।
सूडान में एमएसएफ के मिशन प्रमुख याहया कलिला ने कहा, बढ़ती तबाही के बीच ज़मज़म में अपना अभियान रोकने का फैसला हृदयविदारक है। सूडान अप्रैल 2023 से गृहयुद्ध की चपेट में है। सेना और आरएसएफ के बीच हिंसक संघर्ष शुरू होने के बाद से सूडान में गृहयुद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस संघर्ष में अब तक 24,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, 1.4 करोड़ से अधिक लोग बेघर हो गए हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
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