Donald Trump : भारत और अमेरिका के रिश्तों में इन दिनों तल्खी बढ़ती जा रही है। खासकर रूस से भारत की तेल खरीद और अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खिंचाव स्पष्ट नजर आ रहा है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देकर सबका ध्यान खींचा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “शानदार नेता” बताते हुए भारत के साथ अपने रिश्तों को “खास” बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने का फैसला “निराशाजनक” है।
व्हाइट हाउस में ट्रंप का बयान: “कभी-कभी ऐसे पल आते हैं”
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “मैं मोदी का दोस्त हूं और हमेशा रहूंगा। भारत और अमेरिका के रिश्ते विशेष हैं। कभी-कभी ऐसे पल आते हैं जब मतभेद होते हैं, लेकिन यह चिंता की बात नहीं है।” हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदना अमेरिका के लिए “निराशाजनक” है और यह वैश्विक कूटनीति में गलत संकेत भेजता है।
#WATCH | Washington DC | Responding to ANI’s question on resetting relations with India, US President Donald Trump says, “I always will, I will always be friends with Modi, he is a great Prime Minister, he is great… I just don’t like what he is doing at this particular moment,… pic.twitter.com/gzMQZfzSor
— ANI (@ANI) September 5, 2025
सोशल मीडिया पर ट्रंप का तीखा हमला, साझा की तीन नेताओं की तस्वीर
ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। उम्मीद है उन्हें एक साथ लंबा और खुशहाल भविष्य मिले।” यह पोस्ट तब आया है जब हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में तीनों नेताओं की एक बार फिर मुलाकात हुई, जिसने अमेरिका की चिंता को और गहरा कर दिया।
अमेरिकी टैरिफ से भारत को झटका, 48.2 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा
अमेरिका ने हाल ही में भारत से आयात होने वाले कई उत्पादों पर 50% तक का टैरिफ लगा दिया है। इसमें 25% टैरिफ सीधे तौर पर रूस से तेल खरीदने के “प्रतिरोध” के रूप में लगाया गया है। भारत सरकार ने इस कदम को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” बताया है। टैरिफ का असर टेक्सटाइल, गहने, चमड़ा, खाद्य और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की आशंका है, जबकि दवा और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को इससे फिलहाल राहत दी गई है।
ट्रंप के सलाहकारों का तीखा रुख
राष्ट्रपति ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार पीटर नवारो और केविन हसेट ने भी भारत पर निशाना साधा। नवारो ने कहा, “भारत की ऊंची टैरिफ पॉलिसी अमेरिकी नौकरियों को नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही रूस से तेल खरीदकर वह यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है।” हसेट ने भी यही आरोप लगाया कि भारत का कदम रूस की युद्ध मशीन को ताकत दे रहा है, जिससे अमेरिका के सहयोगी देश यूक्रेन को नुकसान हो रहा है।
भारत ने दिया जवाब: “राष्ट्रीय हित सर्वोपरि”
भारत ने अमेरिका के आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा है कि “1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए हम जो भी कदम उठाएं, वह पूरी तरह वैध और उचित हैं।” सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत ने अमेरिका को यह भी समझाया है कि रूस से तेल की खरीद वैश्विक बाज़ार में संतुलन बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है।
ट्रंप ने जताई व्यापार वार्ता पर उम्मीद
इन तमाम तनावों के बावजूद ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि व्यापार वार्ता के दरवाज़े अभी भी खुले हैं। उन्होंने कहा, “भारत के साथ हमारी बातचीत जारी है। हम व्यापार के मोर्चे पर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर भी अपनी नाराजगी जताई, खासकर गूगल पर लगाए गए भारी जुर्माने को लेकर। इससे यह साफ होता है कि अमेरिका इस समय व्यापार और तकनीक दोनों स्तरों पर आक्रामक रणनीति अपना रहा है।
#WATCH | Washington DC | On trade deals with India and other countries, US President Donald Trump says, “They are going great… We are upset with the European Union because of what is happening with not just Google, but all of our big companies…”
Source: White House/YouTube pic.twitter.com/8f3lxcBuCt
— ANI (@ANI) September 5, 2025
भविष्य की राह: बातचीत या और विवाद?
भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में दोनों देशों को एक-दूसरे के हितों को समझते हुए आगे बढ़ना होगा। भले ही रणनीतिक स्तर पर मतभेद हो, लेकिन आर्थिक और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बेहद जरूरी है।

