Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका बुधवार रात ईरान पर फिर से हमला कर सकता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिख रहा है।
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने क्या कहा?
तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछली रात ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार कार्रवाई की थी और जरूरत पड़ने पर ऐसी कार्रवाई दोबारा भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में चलाया जा रहा है। ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए जहाजों को निशाना बनाया है। उनका कहना था कि ईरान का रवैया लगातार आक्रामक बना हुआ है, इसलिए अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से अधिक ठिकानों पर हमले किए थे। इन हमलों में वायु रक्षा प्रणाली, तटीय रडार केंद्र, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा आईआरजीसी से जुड़े दर्जनों नौसैनिक जहाजों पर भी कार्रवाई की गई।
अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा
ट्रंप ने संकेत दिया कि भविष्य में भी अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो ईरान के बिजली संयंत्रों, समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्रों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की क्षमता रखता है। नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका आवश्यक लाइसेंस जारी करेगा ताकि विदेश में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम का निर्माण किया जा सके और यूक्रेन की रक्षा क्षमता को मजबूत किया जा सके।
ईरान को लेकर ट्रंप ने एक और दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरानी नेताओं ने उनसे पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए कुछ समय तक सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की थी। ट्रंप का आरोप है कि अनुमति मिलने के बाद भी ईरान ने मिसाइल हमले जारी रखे। हालांकि, इन दावों पर ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर पूरी दुनिया की नजरें दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।

