Last Updated: October 19, 2026

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इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से 51 की मौत, लगाया गया 14 दिन का आपातकाल

August 16, 2026

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से 51 की मौत, लगाया गया 14 दिन का आपातकाल

इंटरनेशनल डेस्क। इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत की सरकार ने फ्लोरेस द्वीप में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया की स्थिति घोषित कर दी है। यह अवधि 15 से 28 अगस्त तक लागू रहेगी।

प्रांतीय सरकार के आदेशानुसार, भूकंप का केंद्र नगेकेओ रीजेंसी के मबे शहर से करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में 15 किलोमीटर की गहराई पर था। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के मुताबिक, भूकंप के बाद आए 341 झटकों के बीच अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 113 लोग घायल हुए हैं।

भूकंप के कारण बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सिक्का में 3,356, मंगराई में 2,078 और नगेकेओ में 500 लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। बिमा और सेलयार इलाकों में भी लोग विस्थापित हुए हैं। आपदा में 914 मकान पूरी तरह या भारी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 126 मकानों को मध्यम और 317 को हल्का नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 93 शैक्षणिक संस्थानों, 36 स्वास्थ्य केंद्रों और 38 सरकारी कार्यालयों को भी क्षति पहुंची है।

पूर्वी नुसा तेंगारा के गवर्नर मेल्की लाका लेना ने कुपांग में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं या उनका संपर्क बाधित हुआ है। इससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और बचाव दलों की पहुंच चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। बीएनपीबी ने प्रभावित इलाकों में भोजन और अन्य जरूरी राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी है। पूर्वी फ्लोरेस रीजेंसी स्थित लॉजिस्टिक गोदाम से भी राहत सामग्री भेजी गई है। इसके अलावा जकार्ता से भी सामग्री हलिम पेरदानाकुसुमा एयर फोर्स बेस के जरिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है।

भूकंप के बाद पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। शक्तिशाली झटकों के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी, जिसे बाद में इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने वापस ले लिया। आपातकालीन स्थिति घोषित करने का उद्देश्य बचाव एवं राहत कार्यों, लोगों की निकासी, राहत सामग्री के वितरण और प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं पुनर्प्राप्ति कार्यों को तेज करना है। बचाव दल अभी भी विभिन्न इलाकों में नुकसान और हताहतों का आकलन कर रहे हैं।

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