Nepal Earthquake : नेपाल की धरती एक बार फिर भूकंप से कांप उठी है। आपको बता दें कि शुक्रवार रात 11:15 बजे पूर्वी नेपाल के संखुवासभा जिले में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र मघांग क्षेत्र में था और इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर मापी गई।
रात में लोग घरों से निकले बाहर
भूकंप का असर संखुवासभा के अलावा आसपास के कई जिलों में भी महसूस किया गया। अचानक धरती हिलने से लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। देर रात तक लोग इस आशंका में खुले आसमान के नीचे डटे रहे कि कहीं दोबारा झटके न आ जाएं। हालांकि राहत की बात यह रही कि भूकंप का एक ही झटका महसूस किया गया और इसके बाद कोई आफ्टरशॉक नहीं आया।
EQ of M: 3.6, On: 22/08/2025 23:00:13 IST, Lat: 27.16 N, Long: 87.10 E, Depth: 10 Km, Location: Nepal.
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नुकसान या हताहत की खबर नहीं
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अब तक इस भूकंप से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। अधिकारियों का कहना है कि इलाके के संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन की अपील
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही नागरिकों को भूकंप-रोधी उपाय अपनाने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र उच्च भूकंपीय जोखिम वाले इलाकों में आता है, इसलिए सतर्क रहना और सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।
नेपाल बार-बार क्यों हिलता है?
भौगोलिक स्थिति के कारण नेपाल भूकंप-प्रवण क्षेत्र माना जाता है। हिमालयी पट्टी में लगातार टेक्टॉनिक प्लेट्स की हलचल होती रहती है, जिसकी वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। पूर्वी और मध्य नेपाल के कई इलाके उच्च जोखिम क्षेत्र में आते हैं।
2015 का विनाशकारी भूकंप
नेपाल में भूकंप का जिक्र आते ही लोगों को साल 2015 की भीषण आपदा याद आ जाती है। 25 अप्रैल 2015 को 7.8 तीव्रता के भूकंप ने नेपाल को झकझोर दिया था। इस भूकंप में लगभग 9,000 लोगों की मौत हो गई थी और पांच लाख से अधिक घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। राजधानी काठमांडू समेत कई ऐतिहासिक धरोहरें भी मलबे में तब्दील हो गई थीं।
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