21 अगस्त को, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और सोल में स्थित चीनी संस्कृति केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में “शांति की प्रतिध्वनि” सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का दक्षिण कोरियाई सत्र सोल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर, सीएमजी के महानिदेशक शन हाईश्योंग और दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सभा के पूर्व अध्यक्ष किम जिन-प्यो ने वीडियो भाषण दिया। कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया में चीनी राजदूत ताई पिंग, कोरिया-चीन शहर मैत्री संघ के अध्यक्ष क्वोन की-सिक सहित 200 से अधिक चीनी और दक्षिण कोरियाई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
शन हाईश्योंग ने अपने संबोधन में कहा कि यह वर्ष चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगाँठ है। उन्होंने ज़ोर दिया कि आज के बदलते और अशांत विश्व में, हमें इतिहास से ज्ञान और शक्ति प्राप्त करनी चाहिए, और सामान्य चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल इतिहास को याद करके ही हम शांति की दृढ़ता से रक्षा कर सकते हैं।
शन हाईश्योंग के अनुसार, सीएमजी चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित श्रृंखलाबद्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग सभी प्लेटफार्मों पर विभिन्न भाषाओं में करेगा और “विजय”, “ साक्षी बनते हैं पहाड़ और नदियाँ”, “समर्पण” और “साझा मिशन” जैसी उत्कृष्ट कृतियाँ प्रस्तुत करेगा, जो वास्तविक वीडियो और चित्रों के जरिए द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास के सही दृष्टिकोण को बढ़ावा देगा और निष्पक्षता व न्याय के प्रकाश को लोगों के दिलों में प्रकाशित करेगा।
उधर, राजदूत ताई पिंग ने कहा कि आज विश्व अराजकता से भरा हुआ है, आधिपत्यवाद, एकतरफावाद और संरक्षणवाद के प्रभाव से विश्व शांति और स्थिरता को खतरा है। भू-राजनीतिक उद्देश्यों के लिए, कुछ देशों और ताकतों ने द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास को जानबूझकर गलत और विकृत किया है, ताकि आक्रामकता और अत्याचारों से भरे युद्ध को छुपाया जा सके। यह पीड़ित देशों और पीड़ित लोगों के विरुद्ध ईशनिंदा है, युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक चुनौती है, और अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता एवं न्याय पर कुठाराघात है। चीन, दक्षिण कोरिया और सभी शांतिप्रिय और न्यायप्रिय देश इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया महत्वपूर्ण पड़ोसी और सहयोगी साझेदार हैं। 80 साल पहले, हमने मिलकर जापानी सैन्यवाद के आक्रमण का विरोध किया था और अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा अपने खून और जान की बाजी लगाकर की थी। 80 साल बाद, हमने विभिन्न क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया है, आपसी उपलब्धियां और आम विकास हासिल किया है, और दोनों देशों के लोगों को अधिक लाभ पहुंचाया है। चीन दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर राजनयिक संबंध स्थापित करने की मूल आकांक्षा को कायम रखते हुए अच्छे पड़ोसी मित्रता की दिशा पर दृढ़ता से कायम रहना चाहता है, आपसी लाभ और उभय जीत के लक्ष्य पर डटा रहना चाहता है, और रणनीतिक सहयोग साझेदारी को उच्च स्तर तक बढ़ाने को तैयार है।
उधर, किम जिन-प्यो ने अपने वीडियो भाषण में कहा कि दक्षिण कोरिया और चीन के लोगों के बीच खून से बनी गहरी दोस्ती आज भी जारी है। उन्हें आशा है कि यह आयोजन पूरी तरह सफल होगा और दक्षिण कोरियाई और चीनी लोगों के बीच मैत्री को गहरा करने तथा शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में मिलकर काम करने के लिए एक सेतु का निर्माण करेगा। इस कार्यक्रम में चीन और दक्षिण कोरिया की जापानी आक्रमण के विरुद्ध युद्ध पर आधारित फ़िल्में भी दिखाई जाएँगी। ये फ़िल्में कलात्मक माध्यमों से चीन और दक्षिण कोरिया के जापानी आक्रमण के विरुद्ध युद्ध की साझा यादों को पुनः प्रस्तुत करती हैं। ये फ़िल्में इतिहास के अनमोल दस्तावेज़ हैं और पड़ोसी देशों के बीच शांति और आपसी सहयोग की लोगों की चाहत को व्यक्त करती हैं।
आयोजन स्थल पर, दक्षिण कोरियाई अतिथियों ने कहा कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से, दक्षिण कोरिया और चीन ने पारस्परिक सफलता और आम विकास हासिल किया है, जिससे क्षेत्रीय शांति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल दक्षिण कोरिया और चीन के लोगों द्वारा एक साथ युद्ध लड़ने और न्याय व शांति की रक्षा करने में दिए गए बलिदानों को याद करना है, बल्कि दोनों देशों को इतिहास से सबक लेते हुए भविष्य के उन्मुख दोस्ती का नया अध्याय लिखने की आशा भी है।
इस कार्यक्रम में विशेष रूप से “नानचिंग फोटो स्टूडियो”, “तोंगची रेस्क्यू” और “द सिंकिंग ऑफ़ द लिस्बन मारू” जैसी चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध से संबंधित फिल्मों के अद्भुत क्लिपों का प्रदर्शन भी आयोजित किया गया। इसके अलावा, चीनी और दक्षिण कोरियाई कलाकारों ने “थाईहांग पर्वत पर” जैसे जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध से संबंधित गीत गाए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

