Voting Begins in Australia: मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया में आम चुनावों के लिए मंगलवार को प्रारंभ हुए मतदान ने एक विशेष माहौल में दस्तक दी, जहां चुनावी गहमागहमी पर कुछ समय के लिए विराम लग गया। इसकी वजह थी कैथोलिक समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु, पोप फ्रांसिस का निधन, जिनके सम्मान में राजनीतिक दलों ने प्रचार अभियान को थाम दिया।
-ऑस्ट्रेलिया में मतदान के तहत वोटिंग शुरू
देशभर में पूर्व निर्धारित मतदान के तहत वोटिंग शुरू हुई, जो उन मतदाताओं के लिए है जो 3 मई को निर्धारित मुख्य मतदान दिवस पर वोट नहीं डाल पाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस बार बड़ी संख्या में लोग अग्रिम मतदान का विकल्प चुन रहे हैं, और संभावना है कि आधे से अधिक वोट चुनाव दिवस से पहले ही पड़ जाएंगे।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विपक्षी नेता पीटर डटन ने एक स्वर में अपने प्रचार कार्यक्रम रद्द करते हुए दिवंगत पोप के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुका दिए गए और मेलबर्न स्थित सेंट पैट्रिक कैथेड्रल में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री अल्बनीज स्वयं शामिल हुए।
अल्बनीज ने कहा, “धर्म मेरे लिए आस्था से अधिक, मेरी पहचान का हिस्सा है। मैं अक्सर इस पर सार्वजनिक रूप से बात नहीं करता, लेकिन आज का दिन कुछ कहने का है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने बाइबिल की शपथ लेने के बजाय धर्मनिरपेक्ष प्रतिज्ञा चुनी थी। विपक्ष के नेता डटन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए कहा, “आज का दिन राजनीतिक चर्चा का नहीं, बल्कि मौन और श्रद्धा से पोप के योगदान को याद करने का है।”
-ऑस्ट्रेलिया की इतनी कैथलिक है
वर्ष 2021 की जनगणना के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की करीब 20 प्रतिशत आबादी कैथलिक है, और पोप फ्रांसिस की लोकप्रियता न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक मुद्दों पर उनकी सोच के कारण भी व्यापक रही। ऐसे में उनका जाना केवल चर्च के लिए ही नहीं, ऑस्ट्रेलियाई समाज के एक बड़े हिस्से के लिए भी एक बड़ी क्षति है। इस दुर्लभ संयोग में जब लोकतंत्र के उत्सव और आध्यात्मिक शोक का मेल हुआ, ऑस्ट्रेलिया ने एकजुट होकर सम्मान और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
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