टोक्यो: जापान में आज राष्ट्रीय संसदीय चुनावों के लिए मतदान चल रहा है, और प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अपने दक्षिणपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अपने समर्थकों की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश कर रही हैं। ताकाइची की लोकप्रियता बहुत अधिक है, लेकिन उनकी पार्टी, सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP), पिछले कई वर्षों में उतनी मजबूत नहीं रही।
अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने अचानक चुनाव की घोषणा की ताकि अपने राजनीतिक एजेंडे को सुदृढ़ कर सकें। उनका लक्ष्य जापान की आर्थिक मजबूती और सैन्य क्षमताओं को बढ़ावा देना है, विशेषकर चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच। इसके अलावा, ताकाइची अमेरिका समेत वैश्विक सहयोगियों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने पर भी ध्यान दे रही हैं।
नारा: “काम करो, काम करो, काम करो”
सनाए ताकाइची ने अक्टूबर में जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में “काम करो, काम करो, काम करो” का नारा दिया, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। उनकी शैली को कभी-कभी सख्त, तो कभी चंचल बताया जाता है।
एलडीपी को बहुमत मिलने की संभावना
हालिया सर्वेक्षणों में संकेत मिले हैं कि LDP अकेले ही साधारण बहुमत हासिल कर सकती है। गठबंधन की सीटों की संख्या 300 तक पहुंच सकती है, जो पिछले चुनाव में मिली मामूली जीत की तुलना में एक बड़ी छलांग होगी। ताकाइची ने स्पष्ट किया है कि अगर उनकी पार्टी बहुमत नहीं जीतती, तो वह पद छोड़ देंगी।
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सुरक्षा और नीतियों में बदलाव की तैयारी
अगर ताकाइची और उनका गठबंधन चुनाव में जीतते हैं, तो जापान की सुरक्षा, रक्षा और आव्रजन नीतियों में दक्षिणपंथी विचारधारा के तहत बड़े बदलाव हो सकते हैं। ताकाइची ने दिसंबर तक सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने, हथियार निर्यात पर प्रतिबंध हटाने और युद्धोत्तर शांतिवादी सिद्धांतों से दूर जाने का वादा किया है।
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