इंटरनेशनल डेस्कः Emmanuel Macron ने हाल ही में Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। कई देशों ने आरोप लगाया है कि ईरान या उसके सहयोगी समूह क्षेत्र के अलग-अलग देशों पर हमले कर रहे हैं। मैक्रों ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति से तुरंत इन हमलों को रोकने की अपील की है।
I have just spoken with Iranian President Massoud Pezeshkian.
I called on him to put an immediate end to the unacceptable attacks Iran is carrying out against countries in the region, whether directly or through proxies, including in Lebanon and Iraq. I reminded him that France…
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) March 15, 2026
मैक्रों ने ईरान से क्या कहा?
मैक्रों ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ईरान से साफ शब्दों में कहा है कि क्षेत्र के देशों पर हो रहे हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि ये हमले या तो सीधे तौर पर हो रहे हैं या फिर ईरान के समर्थन वाले समूहों के जरिए किए जा रहे हैं। इनमें Lebanon और Iraq जैसे देश भी शामिल हैं। मैक्रों ने यह भी कहा कि फ्रांस इस समय रक्षात्मक रणनीति पर काम कर रहा है। इसका मकसद अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना, क्षेत्रीय साझेदार देशों की सुरक्षा करना और समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फ्रांस को निशाना बनाना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ड्रोन हमले में फ्रांसीसी सैनिक की मौत
यह बातचीत उस समय हुई जब मध्य पूर्व में संघर्ष और भी तेज हो गया है। हाल ही में ईरान समर्थित माने जा रहे एक ड्रोन हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई। यह घटना Kurdistan Region के इलाके में हुई, जो Iraq का हिस्सा है। मध्य पूर्व में मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब किसी फ्रांसीसी सैनिक की मौत हुई है। इस घटना का जिक्र करते हुए मैक्रों ने ईरान को चेतावनी दी कि फ्रांस के हितों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बढ़ते तनाव पर मैक्रों ने जताई चिंता
मैक्रों ने क्षेत्र में तेजी से बढ़ते तनाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालात जिस तरह से बिगड़ रहे हैं, उससे पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल सकती है। उनके मुताबिक, अगर स्थिति इसी तरह बढ़ती रही तो इसके गंभीर परिणाम आने वाले समय में देखने को मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस तनाव की कीमत केवल क्षेत्र के देश ही नहीं, बल्कि ईरान की जनता को भी चुकानी पड़ सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने की मांग
मैक्रों ने बातचीत के दौरान शांति के लिए एक नए राजनीतिक और सुरक्षा ढांचे की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ऐसा ढांचा होना चाहिए जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली गतिविधियों को लेकर भी समाधान खोजने की बात कही।
मैक्रों ने खास तौर पर Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सामान्य करने की मांग की। यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल व्यापार होता है। अगर यहां रुकावट आती है तो पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
ईरान में बंद फ्रांसीसी नागरिकों का भी उठाया मुद्दा
बातचीत के दौरान मैक्रों ने दो फ्रांसीसी नागरिकों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि Cécile Kohler और Jacques Paris को जल्द से जल्द सुरक्षित फ्रांस भेजा जाना चाहिए। ये दोनों नागरिक फिलहाल ईरान में हिरासत में हैं। मैक्रों ने ईरानी राष्ट्रपति से इनकी रिहाई के लिए कदम उठाने की अपील की।
क्षेत्रीय स्थिरता चाहता है फ्रांस
मैक्रों की बातों से साफ है कि फ्रांस मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता चाहता है। हालांकि, फ्रांस ईरान की कुछ गतिविधियों को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। फिलहाल इस बातचीत पर ईरान की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि ईरानी मीडिया ने यह जरूर पुष्टि की है कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई है।

