चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग ने कहा कि चीन के इतिहास में चीनी राष्ट्र ने महान राष्ट्रीय भावना और उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृति का निर्माण किया है। यही वह सांस्कृतिक जीन है, जिसने चीनी राष्ट्र को सदियों से जीवित रखा है और उसकी निरंतर समृद्धि सुनिश्चित की है। यह वही आध्यात्मिक शक्ति भी है, जो चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान को प्रेरित करती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस सांस्कृतिक विरासत को नई परिस्थितियों और वास्तविकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाना आवश्यक है।
मध्य-शरद ऋतु उत्सव पारिवारिक पुनर्मिलन की आशाओं का प्रतीक है और इसमें गहरी देशभक्ति की भावना समाहित है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से महासचिव शी चिनफिंग ने चीनी राष्ट्र और सभ्यता की सतत धारा को बनाए रखने के रणनीतिक दृष्टिकोण से उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृति के रचनात्मक परिवर्तन और नवोन्मेषी विकास का नेतृत्व किया है, जिससे यह संस्कृति नए युग में नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। उनका मानना है कि चीन का समृद्ध इतिहास और प्राचीन सभ्यता हज़ारों वर्षों से चली आ रही उस पारंपरिक सांस्कृतिक धारा पर आधारित है, जो चीनी राष्ट्र की जड़ और आत्मा के रूप में विद्यमान है।
मध्य-शरद उत्सव को राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की पहली सूची में शामिल किया जाना और वसंत उत्सव का यूनेस्को की “मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत प्रतिनिधि सूची” में सफलतापूर्वक पंजीकरण इस बात का प्रमाण है कि पारंपरिक त्योहार अब चीन की उत्कृष्ट पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। बता दें कि परिवारों के पुनर्मिलन के इन विशेष दिनों में लोग विभिन्न लोक परंपराओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से त्योहार की खुशियाँ मनाते हैं।
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(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

