ढाका: बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति खोकन चंद्र दास पर हुए हमले के बाद उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिवार का कहना है कि वे अब तक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उन पर हमला किस वजह से किया गया, क्योंकि खोकन दास एक शांत स्वभाव के इंसान थे और किसी से उनकी दुश्मनी नहीं थी। इस हमले में खोकन दास लगभग 30 प्रतिशत तक झुलस गए हैं और फिलहाल ढाका के अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
पत्नी ने बताया हमले का दर्द
खोकन दास की पत्नी सीमा दास ने कहा कि उनके पति जब घर में घुसने ही वाले थे, तभी बदमाशों की एक भीड़ ने उन्हें पकड़ लिया और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने दुखी मन से बताया कि उनके पति एक बिजनेसमैन हैं और हमेशा शांति से रहते हैं। उन्होंने कहा, “मेरे पति का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। हम समझ नहीं पा रहे कि भीड़ ने ऐसा क्यों किया।”
बहन और भतीजों ने सुनाई आपबीती
पीड़ित की बहन अंजना रानी दास ने बताया कि हमले में उनके भाई को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई। भतीजे सौरभ दास ने बताया कि जैसे ही उन्हें हमले की जानकारी मिली, वे अस्पताल पहुंचे। भतीजे ने कहा, “मेरे चाचा की हालत बहुत गंभीर थी। पुलिस मौके पर पहुंच चुकी है और जांच चल रही है।” एक अन्य भतीजे प्रांतो दास ने इस मामले में पूरी और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “मेरे चाचा की किसी से दुश्मनी नहीं थी। हम चाहते हैं कि दोषियों को सख्त सज़ा मिले।”
घटना कहां और कैसे हुई
यह घटना शरियतपुर जिले के दामुद्या इलाके में हुई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला कनेश्वर यूनियन के केउरभंगा बाजार के पास हुआ। हमले के बाद आसपास के लोगों ने किसी तरह खोकन दास को बचाया और पहले उन्हें शरियतपुर सदर अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उसी रात उन्हें बेहतर इलाज के लिए ढाका रेफर किया गया। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि इस हमले की पूरी जांच हो, दोषियों की पहचान की जाए और उन्हें सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

