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सूडान में चल रही लड़ाई से हजारों गर्भवती महिलाओं को खतरा: संयुक्त राष्ट्र

April 21, 2023

सूडान में चल रही लड़ाई से हजारों गर्भवती महिलाओं को खतरा: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) ने कहा है कि सूडान में चल रही लड़ाई हजारों गर्भवती महिलाओं को खतरे में डाल रही है। गर्भवती महिलाओं को तत्काल चिकित्सा देखभाल के लिए अपने घरों से बाहर निकलना बहुत खतरनाक हो गया है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूएनएफपीए का अनुमान है कि हिंसा के केंद्र खार्तूम की राजधानी में 219,000 गर्भवती महिलाएं हैं। जिनमें से आने वाले हफ्तों में 24,000 महिलाओं की डिलीवरी होने की उम्मीद है।

यूएनएफपीए ने एक बयान में कहा कि शनिवार से सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच हिंसक झड़पों ने महिलाओं के लिए जरूरी प्रसव पूर्व देखभाल, सुरक्षित प्रसव सेवाओं की देखभाल की तलाश करना बेहद मुश्किल बना दिया है। संघर्ष से सूडान की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली भी प्रभावित है। खार्तूम में हिंसा के कारण कम से कम 20 अस्पतालों को मजबूरन बंद करना पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में 12 अस्पताल अभी भी काम कर रहे हैं। लेकिन इनके भी जल्द बंद होने की संभावना हैं, क्योंकि वे बिजली और पानी की कटौती और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे हैं।

लड़ाई के चलते डॉक्टर, नर्स और अस्पताल के कर्मचारी काम पर जाने में असमर्थ हैं। यूएनएफपीए ने चेतावनी दी है कि अगर हिंसा नहीं रुकी तो स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाने का खतरा है। जिस वजह से गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चों की मौत का अधिक खतरा है। एजेंसी ने कहा कि वह उन 3.1 मिलियन महिलाओं और लड़कियों के बारे में भी चिंतित है, जो जीवन के लिए खतरनाक लिंग आधारित हिंसा के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही हैं।

यूएनएफपीए ने सभी पक्षों को अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपने दायित्वों के संघर्ष की याद दिलाई है। साथ ही कहा है कि स्वास्थ्य देखभाल पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और स्वास्थ्य के अधिकार का घोर उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने अपने कर्मचारियों पर हमलों की निंदा की। एजेंसी ने खार्तूम और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के बारे में अत्यधिक चिंता व्यक्त की जो अपने घरों के अंदर फंसे हुए हैं। वह अब पानी, भोजन और जरूरी दवाओं के लिए घर से बाहर निकलने लगे हैं।

कहा जा रहा है कि वर्तमान असुरक्षा मानवीय सहायता के वितरण को लगभग असंभव बना रही है। और यह सूडान के लोगों के लिए सबसे खराब समय है क्योंकि देश अभूतपूर्व जरूरतों का सामना कर रहा है। एजेंसी ने कहा कि यूएनएफपीए ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ मिलकर मानवीय ठहराव का सम्मान करने का आह्वान किया ताकि लोगों को भोजन, पानी, दवा और स्वास्थ्य देखभाल की मिल सके।

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