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फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की

Finland President Stubb met Chinese Foreign Minister Wang Yi

Finland President Stubb met Chinese Foreign Minister Wang Yi

China News: फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने 5 जुलाई को फिनलैंड के तुर्कू में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।

राष्ट्रपति स्टब ने वांग यी से राष्ट्रपति शी चिनफिंग तक अपनी शुभकामनाएं पहुंचाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि 1950 में फिनलैंड और चीन के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से चीन ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक स्थिरता और तकनीकी नवाचार सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो वास्तव में एक विकास का चमत्कार है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है और ऐसे समय में चीन ने दुनिया को स्थिरता प्रदान की है। राष्ट्रपति शी चिनफिंग की चार वैश्विक पहलें अंतरराष्ट्रीय हालात का व्यापक और सटीक विश्लेषण करती हैं तथा चुनौतियों से निपटने के लिए स्पष्ट और व्यवस्थित दिशा दिखाती हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक महत्व है।

उन्होंने यह भी कहा कि फिनलैंड चीन के साथ उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को मजबूत करने, हरित अर्थव्यवस्था और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, बहुपक्षीय सहयोग को गहरा करने और वैश्विक चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए तैयार है।

वांग यी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की ओर से राष्ट्रपति स्टब को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 2017 में फिनलैंड की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति शी चिनफिंग की फिनलैंड यात्रा के दौरान चीनी जनता ने फिनलैंड के लोगों को हार्दिक बधाई दी थी। उन्होंने कहा कि एक सदी से अधिक समय में फिनलैंड के लोगों ने अपनी अदम्य “सिसु” भावना के बल पर राष्ट्रीय विकास और पुनरुत्थान हासिल किया है।

वांग यी ने कहा कि इस वर्ष चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ है। इसी तरह, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने चीन की राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास का एक सफल मार्ग तैयार किया है। इसके परिणामस्वरूप तेज आर्थिक विकास और दीर्घकालिक सामाजिक स्थिरता जैसे “दो चमत्कार” देखने को मिले हैं। अब चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास के माध्यम से चीनी शैली के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ा रहा है। चीन फिनलैंड के साथ भविष्योन्मुखी नई प्रकार की साझेदारी को मजबूत करने, दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन का पालन करने, सहयोग बढ़ाने, अवसर साझा करने और चुनौतियों का मिलकर सामना करने के लिए तैयार है। बता दें कि अपनी यात्रा के दौरान वांग यी ने फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन से भी बातचीत की।

वांग यी ने कहा कि फिनलैंड उन पश्चिमी देशों में शामिल है जिन्होंने सबसे पहले चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए। वह चीन के साथ अंतर-सरकारी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाला पहला पश्चिमी देश भी था। उन्होंने कहा कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद बीते 76 वर्षों में चीन-फिनलैंड संबंध लगातार नॉर्डिक देशों के साथ चीन के संबंधों में अग्रणी रहे हैं और उन्होंने संस्थागत तथा सांस्कृतिक मतभेदों से ऊपर उठकर समानता और सहयोग का एक उदाहरण पेश किया है। वर्ष 2017 में दोनों देशों ने भविष्योन्मुखी नवाचार साझेदारी स्थापित की, जो उनके संबंधों की दूरदर्शिता और नवाचार की भावना को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति में चाहे कितना भी बदलाव आए, चीन फिनलैंड के साथ पारस्परिक सम्मान और समानता के आधार पर संबंध आगे बढ़ाने का इच्छुक है और दोनों देश एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार बने रहेंगे।

वांग यी ने यह भी कहा कि चीन, फिनलैंड द्वारा एक-चीन सिद्धांत का पालन किए जाने की सराहना करता है। चीन सभी स्तरों पर दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाने, आपसी विश्वास को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय संबंधों की राजनीतिक नींव को मजबूत बनाए रखने का इच्छुक है।

उन्होंने कहा कि हरित और कम-कार्बन विकास को बढ़ावा देना चीनी सरकार की दीर्घकालिक नीति है। सतत विकास और नवाचार के क्षेत्र में फिनलैंड के पास विशेष अनुभव और क्षमता है। चीन खुलेपन और पारस्परिक लाभ के सिद्धांत पर फिनलैंड के साथ मिलकर चीन-फिनलैंड संयुक्त कार्य योजना को लागू करने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा हरित परिवर्तन, तकनीकी नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

उन्होंने यह भी कहा कि चीन पारस्परिक सम्मान के आधार पर यूरोपीय संघ के साथ संवाद का समर्थन करता है, लेकिन व्यापार और निवेश परामर्श तंत्र का इस्तेमाल एकतरफा दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं होना चाहिए। चीन को उम्मीद है कि फिनलैंड यूरोपीय संघ और चीन के बीच स्वस्थ और स्थिर संबंधों को आगे बढ़ाने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

एलिना वाल्टोनेन ने कहा कि फिनलैंड और चीन के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का लंबा इतिहास रहा है। फिनलैंड, चीन को मान्यता देने वाले पहले पश्चिमी देशों में से एक है और वह दृढ़ता से एक-चीन नीति का पालन करता है। उन्होंने कहा कि राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का सम्मान किया है और आपसी विश्वास बनाए रखा है।

उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की इस अवधारणा, “स्वच्छ जल और हरित पर्वत, सोने और चांदी जितनी मूल्यवान संपत्ति हैं”, की सराहना की। उन्होंने कहा कि फिनलैंड समय की जरूरत और पारस्परिक लाभ को ध्यान में रखते हुए चीन के साथ हरित और कम-कार्बन विकास, व्यापार और निवेश, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करना चाहता है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में चीन एक महत्वपूर्ण भागीदार है। फिनलैंड संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंचों पर चीन के साथ संवाद और समन्वय बढ़ाने तथा यूरोप-चीन के बीच रचनात्मक वार्ता के जरिए ठोस परिणाम हासिल करने की उम्मीद करता है। बता दें कि दोनों पक्षों ने साझा चिंता के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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