Site icon Dainik Savera Times

“बेल्ट एंड रोड” पहल में सॉफ्ट पावर वाले क्षेत्रों को शामिल करने पर हो फोकस

इंटरनेशनल डेस्क: “बेल्ट एंड रोड” पहल (बीआरआई) का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा शुरू की गयी इस महत्वाकांक्षी पहल में कई देश शामिल हो चुके हैं, जबकि दूसरे देश भी भागीदार बनने के इच्छुक हैं। इस पहल का लाभ उठाकर विभिन्न देश चीन की तरह आगे बढ़ने का सपना देख रहे हैं। अब बीआरआई के दायरे को इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी योजनाओं से आगे बढ़ाते हुए इसमें सॉफ्ट पावर सेक्टर को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक विज्ञान, संस्कृति, हैरिटेज, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों को इस महत्वपूर्ण पहल से जोड़ने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा अन्य फील्ड्स को इसमें जोड़ते हुए संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करने से देशों को वैश्विक चुनौतियों से एकजुट होकर निपटने में मदद मिलेगी। जैसा कि हम जानते हैं कि मौजूदा ग्लोबल गवर्नेंस व्यवस्था तेज़ी से बदल रही है, जिसमें वैश्विक मुद्दे अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में “बेल्ट एंड रोड” पहल की भूमिका और महत्व पहले से ज्यादा हो गया है। क्योंकि चीन की ओर से चलायी जा रही इस पहल ने दुनिया में जारी संकटों का हल निकालने और सुरक्षित विकास हासिल करने पर फोकस किया है।

वर्तमान में जारी तमाम वैश्विक संकटों के बीच बीआरआई को और अधिक सक्रिय होना होगा। क्योंकि चीन द्वारा बार-बार साझे मूल्यों को आगे ले जाने की बात कही जाती है। इस बीच चीन द्वारा बीआरआई को हरित विकास से लिंक करने का काम किया जा रहा है, जिसके लिए इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने चीन की सराहना की है। माना जा रहा है कि चीन ग्लोबल ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन में बड़ी शक्ति बन सकता है। इसके साथ ही बीआरआई से संबद्ध एजेंसियों को छोटे प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हालांकि चीन उच्च इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यावरण, रेलमार्गों और सड़कों के निर्माण में बड़ी मजबूती से काम कर रहा है। लेकिन वह वैश्विक स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में और भी बहुत कुछ कर सकता है।

जाहिर है कि भविष्य में ऐसे बड़े मॉडल्स के विकास में एक मुख्य फ़ोकस शांति, समानता और विकास के साझा मूल्यों को बनाए रखना होगा। वहीं बीआरआई में शामिल देशों और क्षेत्रों के लोगों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए एक मजबूत नींव रख सकता है। जिस तरह से ग्लोबल साउथ देशों का राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव बढ़ रहा है, ऐसे में इन देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं भ प्रबल हो रही हैं। इसके लिए चीन को एक बड़ी आर्थिक शक्ति होने के नाते अन्य देशों को साथ लेकर चलना होगा। उन्हें इस बात के लिए प्रेरित करना होगा कि वे अपने देश और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करें।

कहा जा सकता है कि चीन दुनिया के हर क्षेत्र में अपना प्रभाव रखता है, जाहिर है चीन द्वारा शुरू की गयी योजनाओं से वैश्विक जगत को फायदा हो रहा है। कुछ देशों ने संरक्षणवाद चलाकर वैश्विक ऑर्डर को बिगाड़ने की कोशिश की है, लेकिन चीन की पहल से इसे अच्छा जवाब मिल रहा है।

(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Exit mobile version