
इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने आखिरकार आतंकवाद को लेकर सच कबूल दिया है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने स्वीकार किया है कि उनका देश भारत विरोधी आतंकवाद फैलाने में शामिल रहा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन ने कहा कि पाकिस्तानी समूह पहले भारत के खिलाफ साजिशें रचने में शामिल रहे हैं।
बता दें कि पाकिस्तान अपनी जमीन से आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग देकर भारत भेजता है। इन आतंकियों को जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए भेजा जाता है। अप्रैल में आतंकियों ने पहलगाम में बर्बर हमला करके 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की और कई आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था।
The issue of terrorism that we are facing in the sub continent today is the direct result of what happened in Pakistan. All these groups whether its Al Qaeda wherever, whether it is these groups that you have mentioned they trace their past to the Afghan Jihad. Once the Afghan… pic.twitter.com/jdfXJxSeUQ
— PPP Digital Media (@mediapppdigital) July 9, 2025
अब द वायर को दिए एक साक्षात्कार में भुट्टो ने कबूल किया कि पाकिस्तानी समूह जरूर आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। भुट्टो ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार इसमें शामिल रही, वे यह नहीं मान सकते। पाकिस्तान की धारणा अब आतंकी संगठनों के प्रति बदल चुकी है। इस्लामाबाद ने अब इन आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पहलगाम आतंकी हमले पर भी बिलावल भुट्टो ने प्रतिक्रिया दी। भुट्टो ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान की पहलगाम आतंकी हमले में कोई भूमिका नहीं थी। द रेजिस्टेंस फ्रंट के बारे में भी भुट्टो की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। ये वही संगठन है, जिसमें आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। भुट्टो ने कहा कि पाकिस्तान ने हमले के बाद आरोप लगने पर हिंदुस्तान से सबूत मांगे थे।
हिंदुस्तान की ओर से उनको कोई सबूत नहीं दिए गए। इस दौरान भुट्टो से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी सवाल किए गए। आतंकियों के जनाजे में आतंकी कमांडर अब्दुल रऊफ और सेना की अफसरों की मौजूदगी को लेकर पूछे गए सवाल से भुट्टो कन्नी काट गए।
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