इंटरनेशनल डेस्क: 33वीं एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) आर्थिक नेताओं की बैठक 18 से 19 नवंबर 2026 तक चीन के क्वांग तुंग प्रांत के शनचन शहर में आयोजित होगी, जिसमें 21 एपेक सदस्य अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल होंगे। “समृद्ध भविष्य के लिए एशिया-प्रशांत समुदाय का निर्माण” थीम के तहत, एपेक “चीन वर्ष” खुलेपन, नवाचार और सहयोग पर मजबूती से जोर देगा। चीन की अध्यक्षता में, यह शिखर सम्मेलन निस्संदेह एशिया-प्रशांत आर्थिक एकीकरण और व्यापार साझेदारी के लिए नए अवसर प्रस्तुत करेगा, विशेष रूप से ऐसे समय में जब अमेरिकी व्यापार संरक्षणवाद इस क्षेत्र के लिए बढ़ती चुनौतियां पैदा कर रहा है।
नवंबर 1991 में एपेक में शामिल होने के बाद से, चीन अहम पहलों के ज़रिए व्यावहारिक सहयोग और एक खुली एशिया-प्रशांत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, एपेक “चीन वर्ष” के तहत चीन के कई शहरों में लगभग 300 कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, जो नवंबर में होने वाली एपेक आर्थिक नेताओं की अनौपचारिक बैठक के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। “चीन वर्ष” की शुरुआत इसी फरवरी में क्वांग तुंग प्रांत की राजधानी क्वांग च्यो शहर में पहली एपेक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक से हुई थी।
इस वर्ष चीन जून तक कई महत्वपूर्ण एपेक आयोजनों की मेज़बानी कर चुका है। इनमें चीन के सुप्रसिद्ध आर्थिक केंद्र शांगहाई में हुई दूसरी ‘एपेक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक’, च्यांगशी प्रांत के नानछांग शहर में आयोजित एपेक के ‘ऊर्जा कार्य समूह की 71वीं बैठक’, शांगहाई में संपन्न ‘एपेक महिला और अर्थव्यवस्था मंच’, तथा च्यांगसू प्रांत के सूचो शहर में हुई ‘एपेक व्यापार मंत्री सम्मेलन’ प्रमुख हैं। इस वर्ष भर के सभी एपेक-संबंधित कार्यक्रम डिजिटल अर्थव्यवस्था, व्यापार और निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तथा सतत और समावेशी विकास जैसे प्रमुख विषयों पर केंद्रित रहे हैं।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए, चीन की राजधानी पेइचिंग में 21 जून को चीन अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद (सीसीपीआईटी) द्वारा ‘एपेक बिजनेस लीडर्स चाइना फोरम’ आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 22 से 26 जून, 2026 तक चलने वाले चौथे “चीन अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला संवर्धन एक्सपो” से ठीक एक दिन पहले होगा।
इसके साथ ही, शनचन शहर के लुओहू ज़िले में 23 से 25 जून के बीच ‘एपेक एसएमई बिजनेस फोरम’ भी आयोजित किया जाएगा। कुल मिलाकर, ये सभी बैठकें एपेक ढांचे के तहत क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में चीन की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका को रेखांकित करती हैं।
चीन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संवर्धन परिषद (सीसीपीआईटी) की घोषणा के अनुसार, “2026 एपेक बिजनेस लीडर्स चाइना फोरम” एपेक के “चीन वर्ष” का सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक आयोजन है। यह फोरम एपेक चाइना बिजनेस काउंसिल के ढांचे के तहत आयोजित होगा और एपेक के अंतरराष्ट्रीय सहयोग में चीनी व्यापार जगत की भागीदारी का मुख्य मंच है। उद्घाटन समारोह के साथ तीन सेमिनार भी होंगे, जिनमें इस वर्ष के प्रमुख परिणामों पर चर्चा होगी जैसे एशिया-प्रशांत मुक्त व्यापार क्षेत्र और कनेक्टिविटी पर एपेक बिजनेस एडवाइजरी काउंसिल (एबीएसी) के वक्तव्य। साथ ही, नवंबर में शनचन एपेक शिखर बैठक के लिए व्यापार जगत के ठोस नीतिगत सुझाव भी तैयार होंगे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शनचन के लुओहू ज़िले में आयोजित होने वाले एपेक एसएमई बिजनेस फोरम 2026 में एक मुख्य फोरम के साथ तीन समानांतर सत्र होंगे। 23 से 25 जून को लुओहू में जो चर्चा होगी, वह केवल चीन की नहीं होगी। यह एशिया-प्रशांत के उन सभी उद्यमियों की होगी जो संरक्षणवाद और वैश्विक अनिश्चितता के बीच आगे बढ़ना चाहते हैं। चीन की मेज़बानी में एपेक 2026 यह संदेश साफ करेगा: समृद्धि तभी टिकती है जब वह साझा की जाए। जब दुनिया दीवारें खड़ी कर रही है, शनचन की सफलता बताती है कि चीन का रास्ता सिर्फ विकास का नहीं, साझा समृद्धि का रास्ता है और एपेक 2026 इसी रास्ते पर आगे बढ़ेगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक— रविशंकर बसु)
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