Gaza map : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से एक नया शांति प्रस्ताव जारी किया है जिसमें गाजा युद्ध समाप्त कराने और बंधकों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गाजा‑इजरायल सीमा पर स्थायी बफर‑ज़ोन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। ट्रम्प ने कहा है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने इस रूपरेखा से सहमति व्यक्त की है, जबकि हमास के जवाब पर युद्ध का भविष्य निर्भर रहेगा।
तीन लाइनें, एक बफर
ट्रंप द्वारा जारी नक्शे में तीन मुख्य रेखाओं का ज़िक्र है — नीली, पीली और लाल, जिनके बाद बफर‑ज़ोन शुरू होता है। विवरण के अनुसार:
नीली रेखा
वर्तमान में इजरायली रक्षा बलों (IDF) का नियंत्रण जहां तक माना गया है।
पीली रेखा (First withdrawal line)
बंधकों की रिहाई के साथ आंशिक सैन्य वापसी यहां तक होगी।
लाल रेखा (Second withdrawal line)
दूसरी वापसी की सीमा, जिसके बाद तीसरी वापसी के बाद इजरायली बल बफर‑ज़ोन की सीमाओं पर रुकेंगे। बफर‑ज़ोन के पार न तो इजरायली सैनिकों को जाना होगा और न ही गाज़ावासियों को आने‑जाने की छूट होगी। यह व्यवस्था स्थायी सुरक्षा रेखा का काम करेगी।
ट्रंप ने कहा-
वाशिंगटन | इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “अगर हमास इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है, तो इसमें सभी शेष बंधकों को तुरंत, 72 घंटों के भीतर रिहा करने का प्रावधान है… इसका मतलब है कि सिर्फ़ गाज़ा ही नहीं, बल्कि युद्ध का भी तुरंत अंत… अरब और मुस्लिम देशों ने गाज़ा को सैन्य मुक्त करने, हमास और अन्य सभी आतंकवादी संगठनों की सैन्य क्षमताओं को तुरंत समाप्त करने… सुरंगों, हथियारों और उत्पादन सुविधाओं सहित सभी आतंकवादी ढाँचों को नष्ट करने के लिए लिखित रूप से प्रतिबद्धता जताई है। उनके पास बहुत सारी उत्पादन सुविधाएँ हैं जिन्हें हम नष्ट कर रहे हैं… सभी पक्ष इज़राइली सेनाओं की चरणबद्ध वापसी की समय-सीमा पर सहमत होंगे… उम्मीद है कि अब और गोलीबारी नहीं होगी। जैसे-जैसे इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति होती है, अरब और मुस्लिम देशों को हमास से निपटने की इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का मौका दिया जाना चाहिए… उनके बीच शायद एक समझौता हो… अगर वे ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो इज़राइल को पूर्ण अधिकार और पूर्ण अमेरिकी समर्थन प्राप्त होगा… हमास के खतरे को नष्ट करने का काम पूरा करने के लिए इज़राइल मेरा विकल्प होगा… मुझे उम्मीद है कि हम शांति के लिए एक समझौता करेंगे… अगर हमास अस्वीकार करता है यह समझौता, जो हमेशा संभव है…, आप जानते हैं, बीबी (इज़राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू), आपको जो करना होगा, उसके लिए हमारा पूरा समर्थन होगा। इसका अंतिम परिणाम क्षेत्र में उत्पन्न किसी भी खतरे का उन्मूलन होना चाहिए। और यह खतरा हमास द्वारा उत्पन्न है। आतंक के अत्याचार का अंत होना ही चाहिए… इस प्रयास की सफलता सुनिश्चित करने के लिए, मेरी योजना एक नए अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षण निकाय, ‘शांति बोर्ड’ के गठन की मांग करती है, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प करेंगे…”
#WATCH | Washington | During a joint press conference with US President Trump, Israeli PM Benjamin Netanyahu says, “Your plan to end the war in Gaza achieves our war aims. It will bring back all our hostages, dismantle Hamas’ military capabilities, end its political rule, and… pic.twitter.com/d4S3UJWums
— ANI (@ANI) September 29, 2025
बंधकों की रिहाई और कैदियों का लेन‑देन
ट्रंप ने कहा कि यदि हमास प्रस्ताव स्वीकार करता है तो: हमास को सभी जीवित और मृत बंधकों को रिहा करना होगा और यह कार्य किसी भी हालत में 72 घंटे से अधिक नहीं लेगा। इसके बदले इजरायल 250 आजीवन कैदियों को रिहा करेगा तथा 7 अक्टूबर 2023 के बाद हिरासत में लिए गए 1,700 गाज़ावासियों को भी जाने दिया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक रिहा किए गए इजरायली बंधक के बदले 15 मृत गाज़ावासियों के अवशेष इजरायल को सौंपे जाएंगे। यह एक्सचेंज‑रूपरेखा भी प्रस्ताव में स्पष्ट है।
हमास सदस्यों को शर्तों पर माफी और निजात
प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि हमास के सदस्य सार्वजनिक तौर पर हथियार सरेंडर कर शांति प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक हैं, तो उन्हें माफी दी जा सकती है और वे गाज़ा छोड़ कर अन्य देशों में जाने के लिए सुरक्षित मार्गों की मांग कर सकेंगे। उसी समय प्रस्ताव स्पष्ट करता है कि गाज़ा के शासन में हमास या अन्य गुटों की किसी भी रूप में भूमिका नहीं रहेगी, सुरंगों और हथियार निर्माण सुविधाओं सहित सभी सैन्य‑आधारित ढांचे नष्ट किए जाएंगे और उनका पुनर्निर्माण नहीं होगा।
गाज़ा का पुनर्विकास, शर्तों के साथ
डॉक्युमेंट में गाज़ा के “लोगों के लाभ के लिए पुनर्विकास” का आश्वासन दिया गया है, परन्तु पुनर्निर्माण की योजनाएं और सहायता कैसे दी जाएगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष प्रस्ताव कब और किस रूप में स्वीकार करते हैं। ट्रंप ने कहा है कि दोनों पक्षों के सहमति से ही युद्ध तुरंत समाप्त हो सकता है।

