मेक्सिको : नेपाल में सरकार को हिलाकर रख देने वाले जेन-ज़ेड आंदोलन की लपटें अब अमेरिका के पड़ोसी देश मेक्सिको तक पहुंच गई हैं। बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और लगातार बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था से नाराज़ युवाओं ने राजधानी की सड़कों पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। हजारों प्रदर्शनकारियों की भीड़ देखकर सरकार की चिंता बढ़ गई है।
यह आंदोलन मुख्य रूप से राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम की सुरक्षा नीतियों और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कथित नरमी के विरोध में सामने आया है। खासतौर पर मिशोआकान में ड्रग तस्करों का सामना कर रहे मेयर कार्लोस मंज़ो की हत्या के बाद युवाओं का आक्रोश उफान पर है।
WATCH: Clashes erupted between riot police and protesters in front of Mexico’s presidential palace.pic.twitter.com/nTaabnKzBN
— Clash Report (@clashreport) November 15, 2025
विपक्ष ने भी थामा जेन-जेड का हाथ
इस आंदोलन में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों के नेता और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। शुरुआती चरण शांतिपूर्ण रहा, लेकिन प्रदर्शन खत्म होते-होते कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। युवाओं ने पुलिस पर पत्थर, पटाखे और लाठियां फेंकी, जबकि कुछ ने पुलिस की ढालें और उपकरण तक छीन लिए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस और बल प्रयोग का सहारा लिया।
120 लोग घायल, 20 गिरफ्तार
मेक्सिको सिटी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वाजक्वेज़ ने बताया कि भिड़ंत में 120 लोग घायल हुए, जिनमें 100 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। सोशल मीडिया पर फैले वीडियो में पुलिस को लोगों को घसीटते और बलपूर्वक हिरासत में लेते देखा गया, जिससे मनमानी गिरफ्तारी और दुरुपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
क्या है जेन-जेड मूवमेंट?
जेनरेशन जेड यानी 1990 के दशक के अंत से 2010 की शुरुआत के बीच जन्मी पीढ़ी इस साल कई देशों में लोकतांत्रिक गिरावट, भ्रष्टाचार और असमानता के खिलाफ आवाज उठा रही है। नेपाल में हुए जेन-जेड विरोध ने सितंबर में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था।
मेक्सिको में युवाओं का कहना है कि देश में अपराधियों को दंड से छूट मिलती जा रही है और सरकार एक “नार्को स्टेट” बनती जा रही है। कार्टेल हिंसा, सामूहिक गायब होने की घटनाएं और बढ़ते अपराध इनके आक्रोश की वजह हैं।
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सोशल मीडिया बना आंदोलन का ईंधन
इस प्रदर्शन को सोशल मीडिया से भारी गति मिली। पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और अरबपति रिकार्डो सेलिनास प्लीगो ने भी ऑनलाइन समर्थन जताया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय महल की बैरिकेडिंग तोड़कर राष्ट्रपति शेनबाउम के इस्तीफे की मांग की। कई युवाओं ने “वन पीस” ऐनिमे से लिया गया समुद्री डाकू का प्रतीक झंडा लहराया, जो जेन-जेड के वैश्विक विरोध का चिन्ह बन चुका है। एक प्रदर्शनकारी 29 वर्षीय एंड्रेस मासा ने कहा, “हमें सुरक्षा चाहिए, देश खत्म होने की ओर है। हम बदलाव की लड़ाई लड़ रहे हैं।” मेक्सिको सिटी से शुरू हुआ यह आंदोलन अब अन्य शहरों में भी फैलता जा रहा है, जहां युवा सरकार की अपराध पर रोक लगाने में नाकामी का विरोध कर रहे हैं।

