Last Updated: November 7, 2026

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वैश्विक सभ्यता पहल अस्थिर दुनिया में स्थिरता देती है

March 15, 2026

वैश्विक सभ्यता पहल अस्थिर दुनिया में स्थिरता देती है

Global Civilization: अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अपनी उथल-पुथल के बीच अप्रत्याशित और बड़े बदलावों से गुज़र रही है। सभी देश स्थिरता चाहते हैं। इसमें विभिन्न सभ्यताओं के बीच सहनशीलता और आपसी सीख एक अहम विषय है।

चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के अधीनस्थ सीजीटीएन ने हाल में चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय के साथ 41 देशों के 12,302 नेटीजनों में एक सर्वेक्षण किया। उत्तरदाताओं ने चीन द्वारा प्रस्तुत वैश्विक सभ्यता पहल की प्रशंसा की। उनका व्यापक मानना है कि पहल में शामिल सांस्कृतिक विविधता का सम्मान और मानव जाति के साझा मूल्य का विकास आदि मुख्य विचारधारा का वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में अधिक व्यावहारिक महत्व है।

चीन का हमेशा यही विचार है कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से सांस्कृतिक बाधाओं को पार करें। सभ्यताओं के बीच आपसी सीख के माध्यम से सभ्यताओं के टकराव को पार करें। सभ्यता समावेशिता के माध्यम से सभ्यता की श्रेष्ठता को पार करें। सर्वेक्षण में शामिल 90.8 उत्तरदाताओं का मानना है कि सांस्कृतिक विविधता का सम्मान अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पालन ​​किए जाने वाला बुनियादी सिद्धांत होना चाहिए। 77.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सभ्यताओं में ऊंचे-नीचे और श्रेष्ठ-अश्रेष्ठ का कोई फ़र्क नहीं है। 87.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सभी सभ्यताओं के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए।

चीन का हमेशा यही विचार है कि शांति, विकास, निष्पक्षता, न्याय, लोकतंत्र और स्वतंत्रता सभी देशों के लोगों का साझा लक्ष्य है। मूल्य के अर्थ पर विभिन्न सभ्यताओं के अलग-अलग समझ का पूरा सम्मान और समझ किया जाना चाहिए। सर्वेक्षण में शामिल 91.8 फीसदी नेटीजनों ने इसका समर्थन किया। 87.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि शांति और विकास फिर भी वर्तमान दुनिया में मुख्य विषय है। 81 फीसदी उत्तरदाताओं ने विभिन्न देशों से वैचारिक पूर्वाग्रह छोड़कर सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करने की अपील की।

वहीं, आर्थिक वैश्वीकरण के युग में विभाजन रेखा के बजाय संपर्क के पुल की ज़रूरत है। सर्वेक्षण में शामिल 87.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में सभ्यताओं के बीच बातचीत अंतर्राष्ट्रीय मुठभेड़ को कारगर से कम कर सकती है और विश्व शांति बढ़ा सकती है। 89.5 फीसदी उत्तरदाताओं का मानना है कि सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान अंतर्राष्टीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। वहीं, 89.8 प्रतिशत उत्तरदाताओं के विचार में विभिन्न सभ्यताओं के बीच आवाजाही मानव प्रगति को बढ़ावा दे सकती है।

गौरतलब है कि वर्तमान सर्वेक्षण ऑनलाइन पर किया गया। उत्तरदाता मुख्य विकसित देशों और “वैश्विक दक्षिण” देशों से आते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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