इंटरनेशनल डेस्क : मार्च 2023 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सीपीसी और विश्व राजनीतिक पार्टियों के बीच वरिष्ठ स्तरीय वार्तालाप पर पहली बार वैश्विक सभ्यता पहल प्रस्तुत की। इस पहल का मूल विषय मतभेद ताक पर रखकर समानताओं का अनुसरण और सौहार्दपूर्ण सहअस्तित्व बनाना है। इस पहल ने विश्व सभ्यताओं की विविधता के सम्मान पर बल दिया और सभ्यताओं के संवाद, पारस्परिक सीख और समावेश से सभ्यताओं के विभाजन, टक्कर और घमंड को पार करने की अपील की।
शी के दृष्टिकोण में प्रत्येक सभ्यता की जड़ अपने अस्तित्व की भूमि में जमी है, जिसमें एक राष्ट्र की असाधाऱण बुद्धि और भावनात्मक अनुसरण निहित है। प्रत्येक सभ्यता की मौजूदगी का मूल्य है। वैश्विक सभ्यता पहल समग्र मानवता के समान मूल्यों का प्रचार करने और अपने मूल्यदर्शन व मॉडल को दूसरे पर नहीं थोपने की वकालत करती है।
शी ने बताया था कि विभिन्न देशों के इतिहास, संस्कृति, व्यवस्था और विकास के स्तर अलग-अलग हैं, लेकिन विभिन्न देशों की जनता शांति, विकास, न्याय, निष्पक्षता, लोकतंत्र और मुक्ति समेत मानवता के समान मूल्यों का अनुसरण करती है। हमें मानवता के भविष्य के प्रति जिम्मेदार होकर सार्वभौमिक मूल्यों की वकालत कर विभिन्न देशों की जनता दवारा अपने मूल्य दर्शन पूरा करने की खोज का सम्मान करना चाहिए।
पिछले दो साल में चीन द्वारा प्रस्तुत वैश्विक सभ्यता पहल को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सकारात्मक प्रक्रिया मिली। 2024 में 78वीं यूएन महासभा ने सर्वसम्मति से चीन समेत 83 देशों से प्रस्तुत प्रस्ताव पारित कर हर साल के 10 जून को अंतर्राष्ट्रीय सभ्यता संवाद दिवस निर्धारित किया। इस जुलाई में वैश्विक सभ्यता वार्तालाप का मंत्री स्तरीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। ये ठोस उपलब्धियां विभिन्न देशों द्वारा हाथों में हाथ मिलाकर वैश्विक सभ्यता पहल का व्यवहार करने का जीवंत प्रतिबिंब है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
ये भी पढ़ें: पंजाब: सीमा पार से नशा तस्करी पर प्रहार, 9 किलो हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार