नेशनल डेस्क : सोने की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, और हाल ही में सोने ने ₹96,747 प्रति 10 ग्राम का नया रिकॉर्ड ऊँचा स्तर छुआ है। इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब 25% की बढ़ोतरी हो चुकी है। हालांकि, इस वृद्धि का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि सोने की कीमतों ने उसे सोने की ज्वैलरी खरीदने से रोक दिया है। इस लेख में हम जानेंगे कि सोने की कीमतों में यह वृद्धि क्यों हो रही है, और क्या यह वृद्धि भविष्य में जारी रहेगी। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
सोने की कीमतों में तेजी क्यों जारी है?
- अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव हैं। जब किसी देश में आर्थिक अनिश्चितता होती है, तो लोग सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं। इस कारण, निवेशक सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में तेजी आ रही है।
- डॉलर की कमजोरी
दूसरी बड़ी वजह डॉलर की कमजोरी भी है। डॉलर इंडेक्स तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतें अन्य मुद्राओं में सस्ती हो जाती हैं, जिससे निवेशक सोने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं। इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 3,384 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
आम लोगों पर इसका प्रभाव
- ज्वैलरी की मांग में गिरावट
सोने की कीमतों में इस तेजी के कारण, सर्राफा बाजार में ज्वैलरी की मांग में बड़ी गिरावट आई है। सर्राफा बाजार के कारोबारियों के अनुसार, सोने की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं, जिससे मांग में 30 से 40% की कमी आई है। खासकर शादियों के मौसम में, जहां आमतौर पर गहनों की भारी खरीदारी होती है, वहां भी गहनों की मांग कम हो रही है।
- हल्की ज्वैलरी की डिमांड
हालांकि, हल्की ज्वैलरी की मांग कुछ बढ़ी हुई है। लोग अब भारी सोने के गहनों के बजाय हल्के गहनों की खरीदारी कर रहे हैं, क्योंकि उनका खर्चा कम है और ये खरीदना उनके बजट में फिट बैठता है।
क्या यह तेजी हमेशा के लिए जारी रहेगी?
- विशेषज्ञों की राय
सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में यह तेजी हमेशा के लिए नहीं रहेगी। अगर अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव कम हो जाता है या यदि कोई सकारात्मक वार्ता होती है, तो सोने में मुनाफा वसूली हो सकती है। इस स्थिति में सोने की कीमतें ₹83,700 प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती हैं।
- सपोर्ट लेवल
हालांकि, सोने के लिए कुछ मजबूत सपोर्ट लेवल भी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमत ₹89,700 ($3080), ₹86,500 ($2975), और ₹83,700 ($2865) पर मजबूत समर्थन प्राप्त कर सकती है। इसका मतलब यह है कि इन स्तरों तक गिरने के बाद सोने की कीमत फिर से बढ़ सकती है।
सोने की कीमतों में इस समय जो तेजी आ रही है, वह वैश्विक आर्थिक स्थिति और निवेशकों की मानसिकता पर आधारित है। अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और डॉलर की कमजोरी ने सोने को एक सुरक्षित निवेश बना दिया है, जिससे सोने की कीमतों में वृद्धि हो रही है। हालांकि, यह वृद्धि हमेशा के लिए नहीं रहेगी और आने वाले समय में गिरावट भी हो सकती है। इसलिए, निवेशकों को सतर्क रहकर ही सोने में निवेश करना चाहिए।
चांदी के वायदा भाव में भी तेजी
चांदी के वायदा भाव में आज तेज शुरुआत देखने को मिली। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट 563 रुपये की तेजी के साथ 95,600 रुपये पर खुला। पिछले कारोबारी दिन पर इसका बंद भाव 95,037 रुपये था। इस समय चांदी का कॉन्ट्रैक्ट 543 रुपये की बढ़त के साथ 95,580 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान चांदी के वायदा भाव ने 95,629 रुपये के उच्चतम स्तर और 95,541 रुपये के निचले स्तर को भी छुआ।

