इंटरनेशनल डेस्क: वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही हाईनान के पपीते के बागानों में भरपूर पैदावार हो रही है और मानकीकृत प्रसंस्करण संयंत्र पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। प्रतिदिन लगभग 25 हज़ार किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाले ताज़े फल पहाड़ों और समुद्रों को पार करते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता बाज़ारों तक पहुँच रहे हैं, जो उत्पादन और बिक्री की सुदृढ़ एवं फलती-फूलती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
यह परिदृश्य हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह में खुलेपन के निरंतर गहराने के बाद आर्थिक सक्रियता की व्यापक मुक्ति और विशिष्ट उद्योगों के वैश्विक एकीकरण का सशक्त प्रमाण है। मुक्त व्यापार बंदरगाह से प्राप्त संस्थागत सुविधाओं और उदारीकरण के लाभों ने हाईनान की उष्णकटिबंधीय कृषि को उल्लेखनीय गति प्रदान की है। इसके परिणामस्वरूप उच्च गुणवत्ता वाले स्थानीय ताज़े फल क्षेत्रीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक उपभोग प्रणाली में प्रभावी रूप से शामिल हो सके हैं।
अपनी विशिष्ट उष्णकटिबंधीय जलवायु के कारण हाईनान विश्व के उन दुर्लभ क्षेत्रों में शामिल है, जहाँ उच्च गुणवत्ता वाले उष्णकटिबंधीय फलों का उत्पादन संभव है। इस दृष्टि से उष्णकटिबंधीय कृषि इस क्षेत्र की एक अनिवार्य और आधारभूत उद्योग रही है। हालांकि, बीते वर्षों में कई संरचनात्मक कमियों ने इसके विकास को बाधित किया।
अव्यवस्थित रसद प्रणाली के कारण परिवहन में अक्षमता रही, ताज़े फलों का भारी नुकसान हुआ और सीमित व बंद बिक्री चैनलों ने बाज़ार विस्तार में रुकावट डाली। परिणामस्वरूप, उच्च गुणवत्ता के बावजूद इन उत्पादों को न तो घरेलू बाज़ार में पर्याप्त स्थान मिल पाया और न ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भागीदारी संभव हो सकी।
इससे गुणवत्ता के लाभ आर्थिक लाभ में परिवर्तित नहीं हो पाए और उद्योग लंबे समय तक ठहराव की स्थिति में रहा। मुक्त व्यापार बंदरगाह के उच्च स्तर पर खुलने के साथ ही इस स्थिति में निर्णायक बदलाव आया है। हाईनान ने उद्योग उन्नयन और बाज़ार विस्तार को केंद्र में रखते हुए कई ठोस कदम उठाए हैं। निर्यात गुणवत्ता की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए मानकीकृत प्रसंस्करण को प्रोत्साहन दिया गया, सीमा शुल्क निकासी प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया और बाधाओं को कम करने के लिए त्वरित चैनल स्थापित किए गए। साथ ही, वैश्विक खरीदारों से सीधे जुड़ने के लिए सीमा-पार उत्पादन एवं बिक्री मंच विकसित किया गया है।
आज स्थिति यह है कि हाईनान के पपीते न केवल घरेलू बाज़ार में स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि दक्षिण-पूर्वी एशिया के अनेक देशों में निर्यात भी हो रहे हैं। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है और उद्योग ने गुणात्मक रूप से नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं।
मज़बूत उत्पादन एवं बिक्री तंत्र, उन्नत रसद व्यवस्था और सुव्यवस्थित सीमा शुल्क निकासी प्रणाली ने एक सकारात्मक चक्र का निर्माण किया है, जो हाईनान मुक्त व्यापार बंदरगाह के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है। विशेष रूप से ताज़े फलों के संरक्षण और निर्यात की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, हाईनान ने सीमा-पार कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ किया है। इससे उत्पादन क्षेत्रों से विदेशी बाज़ारों तक कुशल आपूर्ति श्रृंखला विकसित हुई है, निर्यात लागत में प्रभावी कमी आई है और फलों की गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है।
साधारण से दिखने वाले पपीते की यह निर्यात यात्रा वस्तुतः हाईनान के उच्च स्तरीय खुलेपन की एक प्रभावशाली कहानी है। मुक्त व्यापार बंदरगाह का विकास बाहरी दुनिया के साथ गहरे आर्थिक संबंधों का संकेत देता है, जो इस क्षेत्र को वैश्विक आर्थिक प्रणाली में क्रमिक रूप से सशक्त स्थान दिलाने में सहायक होगा।
उद्योग की गुणवत्ता में सुधार से लेकर उत्पादन और बिक्री में तीव्रता लाने तक, और घरेलू बाज़ार के विस्तार से लेकर वैश्विक उपभोग से जुड़ाव तक, हाईनान की उष्णकटिबंधीय कृषि का यह रूपांतरण मुक्त व्यापार बंदरगाह की विकासशील क्षमता को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित करता है। आने वाले समय में, जैसे-जैसे उदारीकरण के लाभ और स्पष्ट होते जाएँगे, हाईनान के विशिष्ट कृषि उत्पाद व्यापक अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचेंगे और सतत विकास की गति को और अधिक बल मिलेगा।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

