Site icon Dainik Savera Times

Hamas-Israel War : गाजा पर इजरायल के हमले के बाद वहां फंसे भारतीयों ने निकालने की लगाई गुहार 

यरुशलमः गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बनाकर इजराइल द्वारा लगातार की जा रही बमबारी के बीच वहां रह रहे भारतीयों को अपनी जान का डर सता रहा है। गाजा में अपने परिवार के साथ रह रही एक भारतीय महिला ने मंगलवार को युद्धग्रस्त हमास शासित इलाके से तत्काल सुरक्षित निकासी की मांग की हैं। गाजा में रह रहीं भारतीय लुबना नजीर शब्बू ने फोन पर बताया, कि ‘हम यहां एक भीषण और क्रूर युद्ध का सामना कर रहे हैं और कुछ ही सेकंड में बमबारी में सब कुछ नष्ट हो जा रहा है। हम इस संघर्ष की कीमत चुका रहे हैं क्योंकि आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। ’’लुबना नजीर शब्बू मूल रूप से भारत के जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हैं।
पढ़ें बड़ी खबरें : रील्स बनाना महिला दरोगा को पड़ा भारी, SP को उठाना पड़ा ये बड़ा कदम
इजराइल-हमास संघर्ष बीते चार दिन से जारी है और इसमें अब तक दोनों पक्षों के कम से कम 1,600 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से गाजा में 788 लोगों की मौत हुई है जबकि 4,100 लोग घायल हुए हैं। हमास के आतंकवादियों ने शनिवार को सुबह इजराइल के दक्षिणी इलाकों में भीषण हमले किए थे। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में इजराइल की सेना ने गाजा में हमास के ठिकानों को निशाना बनाकर भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। लुबना नजीर शब्बू ने कहा, ‘‘बमबारी की आवाजें बहुत डरावनी होती हैं और पूरा घर हिल जाता है। यह बहुत ही भयावह स्थिति है।’’
पढ़ें बड़ी खबरें : आलोचना के बाद कांग्रेस के इस बड़े विधायक ने छोड़ा रियलिटी शो Bigg Boss
गाजा में अपने पति नेडाल टोमन और सबसे छोटी बेटी करीमा के साथ रह रहीं लुबना ने कहा कि बिजली के अलावा पानी की आपूíत भी आधिकारिक तौर पर काट दी गई है। उनके दो बच्चे मिस्र की राजधानी काहिरा में पढ़ाई करते हैं। लुबना ने कहा, कि ‘ हम कहीं भी नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि हमारे लिए कहीं भी कोई सुरक्षित जगह नहीं है। गाजा पट्टी बहुत छोटी है और हर तरफ से बंद है। यहां पर कोई निकास बिंदु नहीं हैं। ’’ लुबना ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘ मैंने पहले ही रामल्लाह में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय से मदद मांगी है ताकि मुझे अपने पति और बेटी के साथ सुरक्षित स्थान पर जाने में मदद मिल सके। ’’ रामल्लाह में भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने कहा कि वे संपर्क में हैं और सभी भारतीयों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन मौजूदा जमीनी हालात बेहद मुश्किल हैं।
Exit mobile version