यरूशलम: इज़रायल रक्षा बल (IDF) ने शनिवार को एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के तहत हमास के तीन शीर्ष नेताओं की हत्या की पुष्टि की है। इस ऑपरेशन को दक्षिणी गाजा के यूरोपीय अस्पताल के नीचे स्थित एक भूमिगत कमांड सेंटर को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया था। मारे गए नेताओं में मोहम्मद सिनवार प्रमुख नाम हैं, जो हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख थे और संगठन के रणनीतिक संचालन में प्रमुख भूमिका निभाते थे।
IDF और इज़राइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट ने संयुक्त बयान में कहा कि यह हवाई हमला 13 मई को किया गया था। मोहम्मद सिनवार, जो गाजा में हमास के पूर्व प्रमुख याह्या सिनवार के छोटे भाई थे, को 7 अक्टूबर 2023 के इज़राइल पर हुए हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा था। इस हमले ने इज़राइल-गाजा संघर्ष को एक नए और घातक मोड़ पर पहुंचा दिया था।
इस अभियान में हमास के दो अन्य वरिष्ठ कमांडरों मुहम्मद शबाना और महदी क्वारा भी मारे गए। शबाना राफा ब्रिगेड की कमान संभाल रहे थे, जबकि क्वारा खान यूनिस बटालियन के प्रमुख थे। IDF के अनुसार, दोनों कमांडर भी 7 अक्टूबर के हमले में सीधे तौर पर शामिल थे और बाद में बंधकों की निगरानी और रॉकेट हमलों की योजना में सक्रिय रहे। इज़रायली सेना ने आरोप लगाया कि हमास ने जानबूझकर अस्पताल जैसी नागरिक सुविधाओं का सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया, जिससे आम नागरिकों की जान को खतरे में डाला गया। हालांकि, हमास की ओर से अब तक इन हत्याओं पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में कम से कम छह लोग मारे गए और 40 से अधिक घायल हुए। कुल मिलाकर, 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इज़राइली सैन्य कार्रवाई में मरने वालों की संख्या 54,381 तक पहुंच गई है, जबकि 1.24 लाख से अधिक लोग घायल हुए हैं। मार्च 2025 में संघर्ष के फिर से तेज होने के बाद से अकेले 4,117 लोगों की मौत हो चुकी है।
शनिवार को गाजा से इज़राइल की ओर रॉकेट दागने की भी खबर है। इनमें से तीन रॉकेट दक्षिणी इज़राइल के ईन हशलोशा और निरिम इलाकों में खुले क्षेत्रों में गिरे। मैगन डेविड एडोम (MDA) ने पुष्टि की है कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। इस हवाई हमले को हमास के खिलाफ इज़राइल की सैन्य कार्रवाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो संगठन की रणनीतिक क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से गाजा में पहले से बिगड़े मानवीय हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
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