“सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के बिना खुशहाल समाज का निर्माण नहीं हो सकता।” चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का यह महत्वपूर्ण बयान स्वस्थ और विकास के बीच गहरे संबंधों को साफ़ तौर पर दिखाता है। जैसे उन्होंने कहा कि “लोगों का स्वास्थ्य देश की खुशहाली और ताकत का एक अहम प्रतीक है”, चीन ने हमेशा अपने लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। चीन सरकार ने अपने सभी नागरिकों के लिए एक स्वस्थ चीन बनाने और उसे साझा करने के लिए रणनीतिक पहलों की एक श्रृंखला को बढ़ाया है। साथ ही चीन ने सभी के लिए मानव जाति साझे स्वस्थ वाला समुदाय बनाने को बढ़ाने के लिए सकारात्मक व व्यावहारिक कदम उठाए हैं। उसने एक के बाद एक ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं केंद्रीय समिति के चौथे पूर्णाधिवेशन में पारित “राष्ट्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना तैयार करने पर सीपीसी केंद्रीय समिति के सुझाव” (संक्षिप्त में “सुझाव” कहा जाता है) के अनुसार, “एक स्वस्थ चीन के निर्माण में तेज़ी लाएं” को एक ज़रूरी कार्य बताया गया है। “सुझाव” में स्वास्थ्य-प्रथम विकास रणनीति लागू करने, स्वास्थ्य संवर्धन नीति प्रणाली में सुधार करने और देशभक्ति स्वास्थ्य अभियान का असर बढ़ाने को साफ़ तौर पर सामने रखा गया है, जिसका लक्ष्य जीवन प्रत्याशा बढ़ाना और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार करना है। ये उपाय चीन की स्वास्थ्य समानता की कोशिश को दिखाते हैं। यह पक्का करें कि सभी लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उदाहरण के लिए, सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता को मजबूत करना, रोग नियंत्रण प्रणालियों को बढ़ाना और प्रमुख संक्रामक रोगों की रोकथाम व नियंत्रण करना आदि उपाय सीधे तौर पर वैश्विक स्वास्थ्य कवरेज के मूल (बचाव सबसे ज़रूरी है और बचाव व इलाज को एक साथ करना चाहिए) का समाधान करते हैं।
“सुझाव” में चिकित्सा देखभाल, स्वास्थ्य बीमा, फार्मास्यूटिकल्स में मिलकर किए गए सुधार को गहरा करने, स्तरीकृत निदान व उपचार को बढ़ाने और चिकित्सा संस्थानों के लेआउट को बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया गया है। जन कल्याण उन्मुख सार्वजनिक अस्पताल सुधार और प्राथमिक चिकित्सा संस्थानों की गारंटी को मजबूत करने के माध्यम से, चीन धीरे-धीरे शहरी-ग्रामीण चिकित्सा देखभाल की क्षमताओं के बीच के अंतर को कम कर रहा है। यह न केवल तकनीकी उन्नयन है, बल्कि सोच में भी बदलाव है कि कार्यों का केंद्र “बीमारी-केंद्रित” से “स्वास्थ्य-केंद्रित” हो गया है। चीन सार्वजनिक स्वस्थ के डिजिटलीकरण के निर्माण को सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है। चीन प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मज़बूत बनाने के लिए एआई आदि नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग आसान सेवाओं का फ़ायदा उठा सकें। यह “किसी को पीछे न छोड़ने” के वादे को साफ़ तौर पर दिखाता है।
“सुझाव” में दीर्घकालिक बीमारियों की व्यापक रोकथाम व नियंत्रण एक अन्य बड़ी बात है। चीन रोकथाम, उपचार, पुनर्वास और स्वास्थ्य प्रबंधन व संवर्धन के लिए एक पूरी सेवा चेन बना रहा है और आपातकालीन व प्राथमिक चिकित्सा क्षमता को बेहतर बना रहा है। साथ ही, चीन मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत कर रहा है। ये उपाय आधुनिक समाज में स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों, जैसे बढ़ती उम्र की आबादी के दबाव को टारगेट करते हैं। पारंपरिक चीनी दवा की विरासत व नवाचार और चीनी-पश्चिमी दवा के मेल से, चीन ने स्थानीय विशेषताओं वाला एक स्वास्थ्य रास्ता खोजा है। वहीं, नई दवाओं और चिकित्सा उपकरण के नवाचार व विकास का समर्थन करना विज्ञान व प्रौद्योगिकी के ज़रिए स्वस्थ जीवन को आगे बढ़ाने के चीन के पक्के इरादे को दिखाता है।
इस मई में चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के निदेशक लेई हाइछाओ ने विश्व स्वास्थ्य सभा में दिए गए भाषण में चीन के तरीकों के बारे में आगे परिचय दिया। उन्होंने कहा कि चीन ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देता है और डिजिटल तकनीकों के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाता है, जिससे व्यापक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को बेहतर किया जाता है। स्वास्थ्य-प्रथम विकास रणनीति विकास योजना, संसाधन आवंटन और राजकोषीय निवेश में स्पष्ट रूप से दिखती है, जिससे स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करना पक्का होता है। चिकित्सा संघ एवं एकीकृत सेवा प्रणाली के जरिए, चीन चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता में सुधार कर रहा है, ताकि लोग अपने आस-पड़ोस में ही अच्छी चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा पा सकें। यह मॉडल न केवल चीन में फ़ायदा पहुंचाता है, बल्कि पूरे दुनिया के लिए भी कीमती अनुभव देता है।
12 दिसंबर को सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस यानी आईयूएचसी दिवस है। इस बार के आईयूएचसी दिवस का विषय “बहुत ज़्यादा मेडिकल खर्च? बहुत हो गया!” चीन का बुनियादी चिकित्सा बीमा 1.3 अरब से ज़्यादा लोगों को कवर करता है और अलग-अलग प्रांतों व क्षेत्रों में चिकित्सा खर्चों के प्रत्यक्ष निपटान से लोगों का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया है। चीन के चच्यांग प्रांत की छांगशिंग काउंटी आदि प्रायोगिक स्थलों ने एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उच्च परामर्श दर और स्वास्थ्य साक्षरता को हासिल किया है। यह निष्पक्षता और दक्षता के बीच संतुलन दिखाता है। इन उपलब्धियों के पीछे लोगों और उनकी जान को सबसे पहले रखने के लिए चीन की मूल आकांक्षा जाहिर होती है। चीन ने सभी नीतियों में स्वास्थ्य को शामिल किया है।
स्वस्थ क्षेत्र में गरीबी उन्मूलन से महामारी की रोकथाम व नियंत्रण तक, चीन ने चमत्कार किये हैं जो इतिहास में दर्ज होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के चिकित्सा सेवा सर्कल और शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट के चिकित्सा सेवा सर्कल की स्थापना से पूरे चीन में लोगों ने चिकित्सा इलाज बहुत कम समय में मिल सका। चीन में 90.8% परिवार 15 मिनट के अंदर चिकित्सा स्थलों तक पहुंच सकते हैं। टेलीमेडिसिन सेवा और काउंटी व टाउनशिप के बीच चिकित्सा समूह सेवा प्रणाली के माध्यम से चीन में जमीनी स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा संसाधन स्थापित हो सके।
नये युग में चीन वैश्विक स्वास्थ्य के मामले में आगे बना हुआ है। अपने “एआई प्लस” कार्यों के ज़रिए, चीन डिजिटल परिवर्तन ला रहा है और अपने लोगों के स्वास्थ्य में नई तेज़ी ला रहा है। यह सिर्फ़ घरेलू विकास के बारे में नहीं है, बल्कि मानव जाति साझा स्वस्थ समुदाय बनाने में भी योगदान है। स्वास्थ्य इंसानियत का एक साझा लक्ष्य है। चीन ने ठोस कार्यों से यह साबित किया है कि जब स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाती है, तो समाज ज़्यादा बराबर व टिकाऊ बनता है। भविष्य में, चीन अपना अनुभव साझा करता रहेगा और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर एक ज़्यादा लचीली स्वस्थ दुनिया की ओर प्रयास करता रहेगा।
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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