वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरानी सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा की, तो अमेरिका उनका बचाव करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका “लॉक एंड लोडेड” है, यानी पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब ईरान में बढ़ती महंगाई, आर्थिक बदहाली और मुद्रा के गिरते मूल्य को लेकर कई प्रांतों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें हिंसक तरीके से मारता है, जैसा कि वे अक्सर करते हैं, तो अमेरिका उनके बचाव के लिए आगे आएगा। हम पूरी तरह तैयार हैं।”
ईरान में हालात तनावपूर्ण
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं। फार्स न्यूज एजेंसी का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, गाड़ियों में आग लगाई और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ “उपद्रवी तत्व” भीड़ में शामिल थे और उनके पास हथियार भी थे, हालांकि इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया गया। दक्षिण-पश्चिमी ईरान के चहारमहल और बख्तियारी प्रांत में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है। यह साफ नहीं हो पाया है कि मरने वाले प्रदर्शनकारी थे या सुरक्षाकर्मी।
पहली मौत और गिरफ्तारियां
राज्य मीडिया के अनुसार, पहली मौत बुधवार रात को लोरेस्टान प्रांत के कुहदाश्त शहर में हुई, जहां बासिज अर्धसैनिक बल का एक सदस्य मारा गया और 13 लोग घायल हुए। बासिज बल को अक्सर प्रदर्शनों को दबाने के लिए तैनात किया जाता है। इसके अलावा, कई इलाकों में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ये लोग “कानूनी विरोध के अधिकार का दुरुपयोग” कर रहे थे।
छात्रों और व्यापारियों की भागीदारी
इस हफ्ते ईरान के कई शहरों में दुकानदारों, बाजार व्यापारियों और विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। लोग सरकार से आर्थिक हालात सुधारने और अपनी आवाज़ सुने जाने की मांग कर रहे हैं।
2022 के बाद सबसे बड़े प्रदर्शन
यह विरोध प्रदर्शन 2022 के बाद सबसे बड़े माने जा रहे हैं। उस समय महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश विभाग ने भी ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा और गिरफ्तारियों पर चिंता जताई है और ईरानी सरकार से संयम बरतने की अपील की है। कुल मिलाकर, ईरान में बढ़ता जन आक्रोश और उस पर अमेरिका की सख्त प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में हालात को और संवेदनशील बना सकती है।

