Trump warning to Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान ने परमाणु हथियार बनाने की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ईरान के साथ हुए नए समझौते का जिक्र
फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ हुए नए समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इस समझौते का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। ट्रंप ने कहा कि हाल के दिनों में ईरान के साथ तनाव बढ़ा था और कुछ सैन्य कार्रवाइयों की नौबत भी आई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्ष बातचीत के लिए तैयार हुए। उन्होंने इस समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कतर की जमकर तारीफ की
बैठक के दौरान ट्रंप ने कतर की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव कम करने और विभिन्न पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने में कतर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ट्रंप के अनुसार, कतर ने कठिन परिस्थितियों में संतुलित और साहसिक नेतृत्व का परिचय दिया है। वहीं, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने भी अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे पूरे मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल क्षेत्र बल्कि स्वयं ईरान के लिए भी महत्वपूर्ण है।
लेबनान में इजरायली हमलों पर नाराजगी जताई
इस दौरान ट्रंप ने इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने लेबनान में इजरायली हमलों को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए पूरी इमारत को गिराना उचित नहीं है, क्योंकि वहां कई निर्दोष लोग भी रहते हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजरायल को सलाह दी थी कि हिज्बुल्लाह से निपटने के लिए वैकल्पिक रणनीति अपनाई जाए। उनका मानना है कि क्षेत्रीय स्तर पर कुछ अन्य देश भी इस समस्या के समाधान में भूमिका निभा सकते हैं।
इजरायल की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं, लेकिन लेबनान के मुद्दे पर उन्हें अधिक जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करना चाहिए। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका के मजबूत समर्थन के बिना इजरायल की स्थिति काफी कमजोर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इजरायल की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो पहले किसी अमेरिकी प्रशासन ने नहीं उठाए थे।

