Site icon Dainik Savera Times

शी चिनफिंग और किम जोंग उन के बीच महत्वपूर्ण वार्ता

सीपीसी केंद्रीय कमेटी के महासचिव और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 4 सितंबर की रात पेइचिंग के जन बृहत भवन में डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) की मज़दूर पार्टी के महासचिव और राज्य मामले के अध्यक्ष किम जोंग उन के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। किम जोंग उन, चीनी जनता के जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फ़ासीवाद विरोधी युद्ध की विजय की 80वीं वर्षगांठ के समारोहों में भाग लेने के लिए चीन आए थे।

वार्ता के दौरान, शी चिनफिंग ने चीन और डीपीआरके को “अच्छे पड़ोसी, अच्छे मित्र और अच्छे कामरेड” बताते हुए कहा कि दोनों देश एक ही भाग्य को साझा करते हैं। उन्होंने ज़ोर दिया कि दोनों देशों के बीच मित्रता चिरस्थायी है, क्योंकि दोनों कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले समाजवादी देश हैं और समान आदर्शों, विश्वासों तथा लक्ष्यों को साझा करते हैं। शी ने किम जोंग उन की चीन यात्रा को द्वितीय विश्व युद्ध में विजय के परिणामों की रक्षा के लिए डीपीआरके के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया और इसे दोनों पार्टियों और देशों के बीच मैत्रीपूर्ण व सहयोगात्मक संबंधों को और विकसित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना।

उन्होंने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, चीन-डीपीआरके संबंधों को बनाए रखने, मज़बूत करने और विकसित करने की चीन की प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं आएगा। चीन हमेशा की तरह डीपीआरके को उसकी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास पथ पर चलने और उसके समाजवादी उद्देश्य के लिए नई परिस्थितियाँ बनाने में सहायता करेगा। शी ने मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण की अपनी अवधारणा और वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल तथा वैश्विक शासन पहल का भी ज़िक्र किया, जिन्हें डीपीआरके का सक्रिय समर्थन मिला है। उन्होंने चीन और डीपीआरके से अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में रणनीतिक समन्वय को मज़बूत करने और साझा हितों की रक्षा करने का आह्वान किया।

किम जोंग उन ने कहा कि जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध और विश्व फ़ासीवाद विरोधी युद्ध की 80वीं वर्षगांठ के भव्य समारोहों ने विश्वव्यापी ध्यान आकर्षित किया है, और इससे विश्व शांति की रक्षा के लिए चीन का दृढ़ संकल्प तथा उसकी महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और प्रभाव पर प्रकाश डाला गया है।  उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी के नेताओं ने जापानी आक्रमण विरोधी युद्ध के दौरान जो गहरी मित्रता स्थापित की थी, उसे आगे बढ़ाना उनकी ज़िम्मेदारी है। किम ने यह भी कहा कि डीपीआरके और चीन के बीच मैत्रीपूर्ण भावनाएँ अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद अपरिवर्तित रहेंगी, और डीपीआरके अपने संबंधों को निरंतर गहरा व विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने थाईवान, शीत्सांग (तिब्बत) और शिनच्यांग जैसे चीन के मूल हितों से संबंधित मुद्दों पर चीन के रुख का दृढ़ता से समर्थन करने का आश्वासन दिया, और डीपीआरके के समाजवादी कार्य के प्रति चीन के दीर्घकालिक और अटूट समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

Exit mobile version