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इमरान खान के बेटों ने पाकिस्तान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- वो मेरे पिता को जान से मारना चाहते हैं

imran khan

इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री  इमरान खान इन दिनों जेल में बंद हैं। उनकी सेहत को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। इस मामले में पाकिस्तान सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अब इमरान खान के बेटों सुलेमान खान और कासिम खान ने अपने पिता की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार उनके पिता को लंबे समय तक जेल में रखकर उनकी आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि उनके पिता की जान को खतरा हो सकता है।

स्काई स्पोर्ट्स के इंटरव्यू में किया बड़ा दावा
इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने स्काई स्पोर्ट्स को दिए एक इंटरव्यू में अपने पिता की स्थिति के बारे में बात की। यह बातचीत इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइक एथर्टन ने की थी। माइक एथर्टन उन 21 पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्होंने हाल ही में पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखा था। इस पत्र में इमरान खान को जरूरी मेडिकल सुविधा और उचित इलाज उपलब्ध कराने की अपील की गई थी। इसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान इमरान खान के बेटों ने पाकिस्तान सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।

कासिम ने कहा- पिता को जेल में रखकर आवाज दबाने की कोशिश
कासिम खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में उनके पिता के खिलाफ जो कुछ हो रहा है, उससे उन्हें गंभीर खतरे की आशंका होती है। उनके मुताबिक, सरकार की कोशिश है कि इमरान खान को ज्यादा से ज्यादा समय तक जेल में रखा जाए। कासिम का कहना है कि सरकार को लगता है कि इस तरह उनके पिता की राजनीतिक आवाज को कमजोर किया जा सकता है। कासिम ने यह भी बताया कि हाल ही में जब उनके कुछ रिश्तेदारों ने जेल में इमरान खान से मुलाकात की, तो उन्होंने वहां के हालात को बेहद खराब बताया। कासिम के अनुसार, इमरान खान ने अपनी स्थिति की तुलना उन दूसरे राजनीतिक कैदियों से भी की, जिनकी या तो हत्या कर दी गई या जेल में उनकी मौत हो गई।

23 घंटे से ज्यादा समय तक अकेले रहने का दावा
कासिम ने अपने इंटरव्यू में इमरान खान की जेल की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता को दिन में 23 घंटे से ज्यादा समय तक एक सेल में अकेले रखा जाता है। उनके मुताबिक, इमरान खान को लगभग पूरी तरह अलग-थलग रखा गया है। परिवार को इस बात की चिंता है कि लंबे समय तक इस तरह रखने से उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। कासिम ने कहा कि मौजूदा हालात पहले की तुलना में और ज्यादा खराब हो गए हैं।

सुलेमान ने डॉक्टर को लेकर उठाए सवाल
इमरान खान के दूसरे बेटे सुलेमान खान ने भी पाकिस्तान सरकार से कई सवाल किए। उन्होंने कहा कि परिवार यह समझ नहीं पा रहा है कि सरकार किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष डॉक्टर से इमरान खान की जांच क्यों नहीं करवाना चाहती। सुलेमान के मुताबिक, जब अदालत ने इमरान खान का मेडिकल टेस्ट कराने का आदेश दिया था, तब परिवार को उम्मीद जगी थी कि अब उनके स्वास्थ्य की सही तरीके से जांच होगी। लेकिन उनका दावा है कि इमरान खान को किसी निजी अस्पताल में ले जाने के बजाय सरकारी अस्पताल ले जाया गया और इसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।

सुलेमान का दावा- इमरान की आंख पर पट्टी बंधी थी
सुलेमान ने इंटरव्यू में अपने पिता की हालत के बारे में एक और महत्वपूर्ण बात बताई। उनके अनुसार, जब उन्होंने इमरान खान को देखा तो उनकी आंख पर पट्टी बंधी हुई थी। सुलेमान ने कहा कि उनके पिता काफी तनाव में दिखाई दे रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने इमरान खान को कई बार देखा है और आमतौर पर वह शांत, मजबूत और आत्मविश्वास से भरे नजर आते हैं। लेकिन इस बार उनकी स्थिति देखकर परिवार की चिंता बढ़ गई।

बेटों ने लंबे समय से पिता को सामने से नहीं देखा
सुलेमान और कासिम ने यह भी बताया कि उन्होंने 2022 के बाद से अपने पिता इमरान खान को आमने-सामने नहीं देखा है। दोनों के मुताबिक, उनके पिता से फोन पर आखिरी बातचीत इसी साल मार्च में हुई थी। इसके बाद से वे उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पाकिस्तान आने के लिए वीजा नहीं दिया गया। इस वजह से दोनों बेटे अपने पिता की स्थिति को लेकर और ज्यादा चिंतित हैं।

परिवार को इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता
इमरान खान के बेटों के इन आरोपों के बाद उनकी जेल में स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। सुलेमान और कासिम का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनके पिता को किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष डॉक्टर से जांच कराने की सुविधा मिले। साथ ही, परिवार उनके साथ नियमित मुलाकात और बेहतर व्यवहार की मांग कर रहा है। फिलहाल इमरान खान के बेटों के इन आरोपों ने पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। उनके स्वास्थ्य, जेल में रखे जाने के तरीके और मेडिकल जांच को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।

 

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