Indian Embassy in Rome : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इटली के रोम में भारतीय दूतावास की नई चांसरी का उद्घाटन किया और कहा कि यह द्विपक्षीय साझेदारी का निरंतर विस्तार है और इससे भारतीय समुदाय को बेहतर सेवा प्रदान करने में भी मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में, विदेश मंत्री ने कहा कि आज रोम में भारतीय दूतावास की नई चांसरी का उद्घाटन करते हुए खुशी महसूस हो रही है। यह हाल के वर्षों में भारत-इटली साझेदारी के निरंतर विस्तार के अनुरूप है। इससे हमें इटली में भारतीय समुदाय को बेहतर सेवा देने में भी मदद मिलेगी। इस अवसर पर इटली विदेश मंत्रलय के महासचिव, राजदूत रिकाडरे गुआरिग्लिया, भारत-इटली संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष सीनेटर गुइलियो टेरज़ी और अन्य उपस्थित हुए।
Pleased to inaugurate the new Chancery of the Embassy of India in Rome today.
It befits the continued expansion of India – Italy partnership in recent years. Will also help us serve better the Indian community in Italy.@IndiainItaly
🇮🇳 🇮🇹 pic.twitter.com/fGYvR2dADq
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) November 24, 2024
रक्षा मंत्री के वरिष्ठ सलाहकार फ्रांसेस्को एम. तालो ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि रोम में नए भारतीय दूतावास का उद्घाटन। विदेश मंत्री जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों की धुरी के रूप में भारत-भूमध्यसागरीय दृष्टिकोण और कनेक्टिविटी कॉरिडोर आईएमईसी का उल्लेख किया।
अपने संबोधन में, विदेश मंत्री ने कहा कि ‘‘हमारे समुद्री हित और नेविगेशन और शिपिंग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता भी हम दोनों देशों को करीब लाने में मदद करती है। हम अदन की खाड़ी में और वहां शिपिंग के सामने आई कुछ चुनौतियों के जवाब में एक दूसरे से समन्वय कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘‘लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज हम आधुनिक संबंधों के लिए इतिहास बना रहे हैं। भारत और इटली समान विचारधारा वाले मित्रों के साथ भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कनेक्टिविटी (आईएमईईसी) के संस्थापक सदस्य हैं और जैसा कि मैं भविष्य पर विचार करता हूं, निश्चित रूप से एक दिन हम इस अवधि पर नजर डालेंगे और इस कनेक्टिविटी कॉरिडोर के बारे में कहेंगे, जिसपर भारत की G20 की अध्यक्षता के दौरान सैद्धांतिक सहमति बनी और यह यूरोप और एशिया के बीच एक गेम चेंजर होगी।”
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