नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव गहराता जा रहा है। इस हमले में 27 से अधिक निर्दोष पर्यटकों की मौत ने पूरे भारत को झकझोर दिया है। घटना के बाद भारत में भारी आक्रोश है, वहीं केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियां एक्शन मोड में आ चुकी हैं। वहीं अब सीमा पर बसे गांवों को फसल हटाने का आदेश दिया गया है। इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़ा होने वाला है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
फसलें और पराली बॉर्डर के पास से हटा लें
आपको बता दें कि पाकिस्तान की सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोगों को आदेश दिया गया है कि वे फौरन अपनी फसलें और पराली बॉर्डर के पास से हटा लें। यह आदेश बीएसएफ (भारतीय सीमा सुरक्षा बल) की तरफ से जारी किया गया है, जिसकी जानकारी गांव के गुरुद्वारों से अनाउंसमेंट के ज़रिए दी जा रही है। लोगों से कहा गया है कि दो-तीन दिन बाद सीमा के गेट बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद फसल उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रामीणों ने इस आदेश के अनुसार काम भी शुरू कर दिया है।
सीमा पर सुरक्षा और तैयारी तेज
दरअसल, पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव का माहौल है। भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और सीमा पर बंकरों और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सेना ने अपने सैनिकों को सीमा पर बंकरों में रहने का निर्देश दिया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर गतिविधियां तेज हो गई हैं।
वाघा-अटारी बॉर्डर बंद करने की तैयारी
भारत सरकार ने इस बीच कड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने का आदेश जारी किया है। जल्द ही वाघा-अटारी बॉर्डर और अन्य सीमाओं को अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। इसके जवाब में पाकिस्तान सरकार ने भी भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान छोड़ने के निर्देश दिए हैं और अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है।
एक्शन में भारत सरकार…
हालांकि भारत सरकार की ओर से अब तक कोई सीधा जवाबी कदम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और सेना में हलचल तेज है। पहलगाम हमले के बाद पूरे देश में जनता का गुस्सा चरम पर है और लोग चाहते हैं कि सरकार इस हमले का सख्त जवाब दे।
पहलगाम में हुआ आतंकी हमला न केवल एक बड़ा मानवीय संकट है, बल्कि यह दो देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और भी बिगाड़ने वाला साबित हो रहा है। सीमा पर गतिविधियाँ, ग्रामीणों को फसल हटाने के निर्देश, और एयरस्पेस बंद करने जैसे कदम इस ओर संकेत कर रहे हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं। अब सबकी निगाहें भारत सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।