Last Updated: September 24, 2026

Dainik Savera Times Logo

सिंगापुर में घरेलू सहायिका के साथ दुर्व्यवहार करने पर भारतीय मूल की महिला को जेल

March 6, 2023

सिंगापुर में घरेलू सहायिका के साथ दुर्व्यवहार करने पर भारतीय मूल की महिला को जेल

सिंगापुर : सिंगापुर में एक भारतीय मूल की महिला, जिसे अपनी घरेलू सहायिका के साथ दुर्व्यवहार करने और पीड़िता के घावों को मेकअप से ढकने के लिए दोषी ठहराया गया था, उसे 10 महीने और 10 सप्ताह की जेल की सजा सुनाई गई है। द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, 38 वर्षीय दीपकला चंद्रा सेचारन को भी आज घरेलू मदद एनी अगस्टिन को 4,000 सिंगापुर डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया गया था।

सजा सुनाते हुए डिस्ट्रिक्ट जज ओउ योंग टक लियोंग ने कहा कि घरेलू नौकरों के शोषण के मामलों से मजबूती से निपटा जाएगा। लियोंग को इस साल जनवरी में मुकदमे के बाद हमले के तीन मामलों में दोषी ठहराया गया था। उप लोक अभियोजकों ने जनवरी में अदालत को बताया कि एनी अगस्टिन ने 9 दिसंबर, 2019 को दीपकला के फ्लैट में काम करना शुरू किया और 16 दिन बाद पहली बार दुर्व्यवहार का सामना तब किया जब उसने रसोई के दराज में सामान रखने के दौरान कुछ कटलरी मिला दी।

जवाब में, दीपकला ने बार-बार अपनी तर्जनी से एनी के माथे पर प्रहार किया, जिससे एक खरोंच आ गई। पेपर ने बताया कि 2020 में, उसने एनी को मारने के लिए लकड़ी के कपड़े के हैंगर का इस्तेमाल किया और एक अन्य अवसर पर, उसने पीड़िता के गाल पर कई बार थप्पड़ मारा। घरेलू नौकरों में से एक ने एनी की चोटों को देखा और घरेलू कर्मचारियों के लिए केंद्र को फोन किया, जिसने पुलिस को सतर्क कर दिया।

उप लोक अभियोजकों ने अदालत को बताया कि जब दीपकला को पता चला कि पुलिस आ गई है, तो उसने ‘पीड़िता के लिए आइस पैक लिया और उसे चोटों के बारे में पुलिस से झूठ बोलने का निर्देश दिया। उसने एनी से पुलिस को यह बताने के लिए कहा कि चोटें तब लगी थीं जब बाद में ‘पारंपरिक शरीर-खरोंच उपचार’ किया गया था। दीपकला ने चोट के निशानों को छिपाने के लिए एनी के चेहरे पर मोटा मेकअप लगाया, जिसे पुलिस ने देखा, जिसने एनी को इसे मिटाने के लिए कहा।

जब एनी ने मेकअप को मिटा दिया तो चोट के निशान फिर से उभर आए। इसके बाद उसने अधिकारियों को अपनी आपबीती बताई। अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, दीपकला ने एनी को मारने से इंकार कर दिया और आरोप लगाया कि नौकरानी की चोटें आत्म-प्रवृत्त थीं। अभियोजकों ने अदालत को बताया, ‘‘उसने आरोप लगाया कि पीड़िता को उसके देश वापस भेजने की इच्छा से पीड़िता उससे परेशान थी और यह कि पीड़िता अपने लिए सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही थी।’’

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें