विदेश में रहते हुए तीज-त्योहारों के आयोजन से प्रवासियों को एक अलग ही अनुभूति होती है। इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों का जोश देखने लायक होता है। इसी तरह चीन की राजधानी पेइचिंग में रहने वाले मलयाली कम्युनिटी और अन्य प्रवासी भारतीयों के लोगों के साथ-साथ विदेशी मेहमानों व दूतावास के प्रतिनिधियों ने ओणम(Onam)त्योहार उत्साह के साथ मनाया। यहां लोकप्रिय भारतीय रेस्टोरेंट ताज पैवेलियन में आयोजित समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा केले के पत्तों पर परोसे गए विशेष व्यंजनों का आनंद लोगों ने बड़े चाव से उठाया। प्रवेश द्वार के भीतर स्थापित राजा बाहुबली की आदमकद मूर्ति, फूलों की पंखुड़ियों से बनी सुंदर रंगोली(पूक्कलम) ने माहौल बेहद खूबसूरत बना दिया।
इस दौरान इंडियन कम्युनिटी के सदस्यों ने मलयालम, तमिल और हिंदी आदि भाषाओं में गीत प्रस्तुत किए। गजेंद्र शर्मा ने मलयालम भाषा में प्रस्तुति देकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। जबकि केतकी ठाकर और लीला भट्ट ने प्रसिद्ध फिल्म रोज़ा का तमिल वर्जन, चिन्ना चिन्ना आसाई सिरागादिकम व हिंदी वर्जन, दिल है छोटा सा, छोटी सी आशा गाना गाया। मुरली नारायणन और सरस्वती नारायणन की जुगलबंदी ने जानेमन-जानेमन तेरे दो नयन, गाकर कार्यक्रम में समां बांधा। सतीशकुमार श्रीहरन, सुपर्णा ओझा और श्रीकुमार मीथिल ने भी प्रस्तुति दी। यह अपने आप में देखने लायक था कि हिंदी और बंगला भाषा बोलने वालों ने तमिल और मलयालम में गीत गाए। यह इस बात का प्रमाण है कि संगीत की कोई भाषा और सीमा नहीं होती है। साथ ही भारतीय संस्कृति का मिश्रित स्वरूप भी नजर आया। इस तरह एकता में अनेकता का अनोखा मेल भारतीय समुदाय द्वारा मनाए जाने कार्यक्रमों में देखा जा सकता है।
सांस्कृतिक आयोजन के बाद ताज़े केले के पत्तों पर बीस से ज्यादा व्यंजनों वाला पारंपरिक शाकाहारी सद्या परोसा गया, जो बहुत स्वादिष्ट था। और उपस्थित मेहमानों ने इस विशेष तरह के भोजन का पूरा लुत्फ उठाया। इस दौरान तीन चरणों में खाना खाया गया, और कई वालेंटीयर्स ने खाना बांटने में मदद की।
इस मौके पर दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन अभिषेक शुक्ला अपनी पत्नी सलोनी शुक्ला के साथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। और श्रीमती शुक्ला ने प्रतिभागियों को उपहार भेंट किए।
पेइचिंग मलयाली एसोसिएशन की ओर से सुरेश वर्मा ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि अनु मुरलीधरन, सरस्वती नारायरणन, आयुषी सुगांधी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। ताज पैवेलियन रेस्टोरेंट में महरनोश पस्ताकिया की टीम ने केरल के पारंपरिक भोजन का शानदार प्रबंध किया।
पिछले कई वर्षों से ओणम उत्सव का सफल आयोजन करने वाले सुरेश वर्मा ने सीजीटीएन संवाददाता अनिल पांडेय को बताया कि इस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य चीन में रहने वाले भारतीयों को अपने त्योहार, सभ्यता और संस्कृति से जोड़कर रखना है। साथ ही ओणम जैसे समारोह विदेशी धरती पर लोगों को घर का अहसास भी कराते हैं।
बता दें कि केरल के फसल उत्सव के तौर पर लोकप्रिय ओणम, परोपकारी राजा महाबली की पौराणिक घर वापसी का स्मरण कराता है। इसके साथ ही यह प्रकृति के प्रति एकता, समानता और कृतज्ञता का प्रतीक है। ओणम के दौरान नौका दौड़ जैसे खेलों का आयोजन भी होता है। कहते हैं कि ओणम एक संपूर्णता से भरा हुआ त्योहार है, जो सभी के घरों को सुख से भर देता है।
(अनिल पांडेय – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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