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हरित शीत्सांग से रोमांचित हुए भारतीय तीर्थयात्री

पेइचिंग समयानुसार 6 जुलाई की सुबह, वर्ष 2025 भारत के आधिकारिक कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों के दूसरे बैच ने कैलाश पर्वत की परिक्रमा करने का आरंभ किया। चीन के शीत्सांग (तिब्बत) स्वायत्त प्रदेश के न्गेरी प्रीफ़ेक्चर में स्थित कैलाश पर्तव एवं मानसरोवर झील तिब्बती बौद्ध धर्म व हिंदु धर्म समेत अनेक धर्मों के अनुयायियों के लिए पवित्र स्थल है। भारत के आधिकारिक तीर्थयात्रियों का यह बैच शिकाजे शहर के नाथुला दर्रे से चीन में दाखिल हुआ और योजना के अनुसार, वे कैलाश पर्वत की परिक्रमा पूरा करने में तीन दिन का समय लगाने की उम्मीद कर रहे हैं।

उसी दिन, कैलाश पर्वत की परिक्रमा मार्ग पर चेन्नई से आये भारतीय आधिकारिक तीर्थयात्री बसु ने चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के संवाददाताओं को बताया कि यह कैलाश पर्वत की परिक्रमा करने का उनका चौथा मौका है। इस बार, वे शीत्सांग में हुए बड़े बदलावों से आश्चर्यचकित हैं। चीन सरकार ने इस बार की परिक्रमा के लिए अधिक विस्तृत व वैज्ञानिक व्यवस्था की है और वे एक शांतिपूर्ण व शांत यात्रा का अनुभव करेंगे। वे चीन को संपूर्ण रसद गारंटी और आवास व भोजन की सभी सुविधाओं समेत संस्थापन के लिए धन्यवाद देते हैं।

जयपुर से आये भारतीय आधिकारिक तीर्थयात्री शर्मा ने कहा कि कल कैलाश पर्वत की तलहटी में पुलान काउंटी पहुंचने के बाद, वह मानसरोवर झील की यात्रा पर गए। मानसरोवर झील का पानी पिछली बार की तुलना में स्पष्ट रूप से अधिक साफ है। यह पारिस्थितिकी संरक्षण को बढ़ाने में चीनी सरकार और लोगों के सक्रिय प्रयासों का परिणाम है। साथ ही, शिगात्से से कैलाश पर्वत की तलहटी तक रास्तों के दोनों ओर बहुत सारे पेड़ लगे हुए हैं। दूर–दूर तक फैले पहाड़ अब नंगे नहीं हैं, बल्कि उन पर बहुत से पौधे लगे हुए हैं। शीत्सांग की हवा पहले जितनी शुष्क नहीं है, बल्कि बहुत अधिक नम व रहने लायक है। ठंड–प्रतिरोधी पौधे लगे हुए हैं, जो उच्च ऊंचाई पर खुद को ढाल लेते हैं और चरम मौसम में मुरझाते नहीं हैं।

भारतीय तीर्थयात्रियों ने सीएमजी के संवाददाताओँ को कहा कि शीत्सांग आने से पहले पश्चिमी मीडिया की विकृत रिपोर्टों के कारण उनके मन में चीन के बारे में कई गलत धारणाएँ थीं। शीत्सांग पहुँचने के बाद, उन्होंने पाया कि वहाँ का आसमान नीला है, पानी साफ़ है और पहाड़ हरे हैं। यहां के राजमार्ग सभी दिशाओं में जुड़े हुए हैं और सड़कों के दोनों ओर बहुत सारे पेड़ लगे हुए हैं। वर्तमान में शीत्सांग की बुनियादी सुविधाओं में बड़ा सुधार आया है। स्थानीय लोग उनके साथ बहुत दोस्ताना व्यवहार करते हैं। उन्हें विश्वास हैं कि कैलाश की परिक्रमा करने आने वाले सभी भारतीय तीर्थयात्री यहाँ से एक खूबसूरत व अविस्मरणीय याद ले कर जाएँगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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