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Advisory: ‘जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें भारतीय’, दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी

Indians should leave Iran as soon as possible

Indians should leave Iran as soon as possible

तेहरान: ईरान में बढ़ते तनाव और हाल की घटनाओं को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीयों से कहा है कि वे जितनी जल्दी हो सके, सुरक्षित तरीके से ईरान छोड़ दें।

दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में बताया कि 7 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों के बाद अब स्थिति को देखते हुए यह जरूरी हो गया है कि भारतीय नागरिक दूतावास द्वारा बताए गए रास्तों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए देश से बाहर निकलें। साथ ही यह भी कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति बिना दूतावास से सलाह लिए किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की कोशिश न करे, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, दूतावास ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक तुरंत संपर्क कर सकें।

पहले क्या कहा गया था?

इससे एक दिन पहले भी दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें भारतीयों को अगले 48 घंटों तक अपने घरों या सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी गई थी। उस समय कहा गया था कि लोग बिजली से जुड़े उपकरणों, सैन्य ठिकानों और ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें।

दूतावास ने यह भी कहा था कि बिना जरूरी कारण के घर से बाहर न निकलें और अगर कहीं जाना बहुत जरूरी हो, तो पहले दूतावास से संपर्क करके ही यात्रा करें। ईरान में स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है, इसलिए भारतीय दूतावास लगातार लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित तरीके से देश छोड़ने की सलाह दे रहा है।

अमेरिका और ईरान में हुआ सीजफायर, रुकी जंग

दुनिया के लिए राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को मान लिया है। इसके तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से दो हफ्तों के लिए सुरक्षित रास्ता देने और अपने सैन्य अभियानों को रोकने पर सहमत हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ‘X’ पर इस्लामिक गणराज्य का जवाब पोस्ट किया और कहा कि अगर ईरान पर हमला नहीं किया जाता है, तो वह अपने सैन्य अभियानों को रोक देगा।

अराघची ने लिखा, “इस्लामिक गणराज्य ईरान की ओर से मैं अपने प्यारे भाइयों पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर का इस क्षेत्र में युद्ध को समाप्त करने के लिए उनके अथक प्रयासों हेतु आभार और सराहना व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री शरीफ के ट्वीट में किए गए भाईचारे वाले अनुरोध के जवाब में और अमेरिका द्वारा अपने 15-सूत्रीय प्रस्ताव के आधार पर बातचीत के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए, साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को बातचीत के आधार के रूप में स्वीकार करने की घोषणा को देखते हुए मैं यहां ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूँ, यदि ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपने रक्षात्मक अभियानों को रोक देंगी। दो हफ्तों की अवधि के लिए, ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय और तकनीकी सीमाओं का उचित ध्यान रखते हुए, होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग संभव होगा।”

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