जॉर्जटाउन: भारत का एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व में रविवार से गुयाना के आधिकारिक दौरे पर रवाना हुआ है। यह तीन दिवसीय दौरा भारत की विदेश नीति में सहयोग, भाईचारे और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल गुयाना सरकार द्वारा आयोजित देश की 50वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के समारोह में भी भाग लेगा, जो 25 मई को बरबिस में आयोजित होगा। यह भारत और गुयाना के बीच ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीकात्मक सम्मान है, जिसमें भारतीय मूल के नागरिकों का गुयाना के विकास में अहम योगदान रहा है।
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल गुयाना के शीर्ष नेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों, भारतीय प्रवासी समुदाय और भारत समर्थकों से संवाद करेगा। बातचीत का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना तथा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट वैश्विक संकल्प को दोहराना है। भारत इस दौरे के माध्यम से “हर प्रकार के आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता” की अपनी नीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट रूप से सामने रखेगा।
-प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के सांसद शामिल हैं:
सरफराज अहमद (झारखंड मुक्ति मोर्चा)
गणपति हरीश मधुर बालयोगी (तेलुगू देशम पार्टी)
शशांक मणि त्रिपाठी (भारतीय जनता पार्टी)
भुवनेश्वर कलिता (भाजपा)
मिलिंद देवड़ा (शिवसेना)
तेजस्वी सूर्या (भाजपा)
तरणजीत संधू (पूर्व भारतीय राजदूत, अमेरिका)
यह दौरा भारत और गुयाना के संबंधों में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। साथ ही यह भारतीय मूल के लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव को गहराने और दक्षिण अमेरिका में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकता है।
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