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इंडोनेशिया ने की ईरान पर इजरायली हमले की निंदा, संयम बरतने का किया आग्रह

इंटरनेशनल डेस्क:  इंडोनेशिया ने ईरान के खिलाफ इजरायल की हालिया सैन्य कार्रवाई की कड़े शब्दों में आलोचना की है, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। इंडोनेशियाई विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह हमला न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देता है, बल्कि इससे वैश्विक शांति व्यवस्था भी खतरे में पड़ सकती है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, “इजरायल द्वारा किया गया यह एकतरफा हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह पहले से ही संवेदनशील पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव को और अधिक भड़काने का कार्य कर सकता है।” मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और उकसावे वाले किसी भी कृत्य से दूर रहने की अपील की है।

इंडोनेशियाई सरकार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी देशों को अपने विवादों का समाधान शांतिपूर्ण संवाद और कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से करना चाहिए। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जकार्ता स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा है और तेहरान में स्थित इंडोनेशियाई दूतावास को वहां रह रहे इंडोनेशियाई नागरिकों के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। दूतावास ने नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हॉटलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है।

उधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” की घोषणा करते हुए दावा किया कि यह अभियान ईरान के संभावित परमाणु खतरे को खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान अब ऐसे स्तर पर यूरेनियम संवर्धन कर रहा है, जो परमाणु हथियार निर्माण के बेहद करीब है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान को रोका नहीं गया, तो वह कुछ ही महीनों में परमाणु हथियार हासिल कर सकता है।

इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने दावा किया है कि उन्होंने रातभर की कार्रवाई में ईरान के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

इस हमले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे इजरायल की ‘स्वतंत्र सैन्य कार्रवाई’ बताया और स्पष्ट किया कि अमेरिका इस अभियान में शामिल नहीं है। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई लेकिन अमेरिका की किसी प्रत्यक्ष भागीदारी से इनकार किया।

इस बीच, तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने भी वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। दूतावास ने नागरिकों से स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में तनाव की नई लहर पैदा हो गई है, जहां पहले से ही कई देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इंडोनेशिया जैसे शांतिप्रिय देशों की ओर से संयम और संवाद की अपील इस संकट को नियंत्रित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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