जकार्ता: इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप पर स्थित सक्रिय ज्वालामुखी माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी में एक बार फिर विस्पोट हुआ। इस विस्फोट के दौरान ज्वालामुखी से निकली राख की मोटी परत ने आसमान को ढक लिया और उसकी ऊँचाई लगभग 18 किलोमीटर तक आंकी गई है। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और भूवैज्ञानिक एजेंसियों ने क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है।
इंडोनेशिया की भूविज्ञान और ज्वालामुखी निगरानी एजेंसी (PVMBG) के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उससे निकले धधकते बादलों और राख के गुबार ने आसपास के गांवों को ढँक लिया। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं आई है, लेकिन सतर्कता के तहत ज्वालामुखी के चारों ओर 7 किलोमीटर का निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है।
लगातार विस्फोटों से बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी में 18 जून 2025 को भी एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जिसके बाद से इसे उच्चतम चेतावनी स्तर पर रखा गया है। यह ज्वालामुखी पहले भी कई बार विस्फोट कर चुका है मार्च 2025 और नवंबर 2024 के दौरान हुए विस्फोटों में नौ लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने क्षेत्र के निवासियों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया है। राख और धुएं की मोटी परत के कारण हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इंडोनेशिया की भौगोलिक स्थिति
इंडोनेशिया “पैसिफिक रिंग ऑफ फायर” नामक क्षेत्र में स्थित है, जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिलती हैं। देश में करीब 130 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जिनमें माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी एक प्रमुख और खतरनाक ज्वालामुखी माना जाता है।

