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अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस : स्थायी शांति के लिए सीखना

January 22, 2024

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस : स्थायी शांति के लिए सीखना

हर साल 24 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस होता है। संयुक्त राष्ट्र ने लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में अधिक जागरूक बनाने में मदद करने के लिए इसकी स्थापना की है। 3 दिसंबर 2018 को,73वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के 44वें पूर्ण सत्र में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। निर्णय ने सतत् विकास प्राप्त करने में शिक्षा के महत्व की पुष्टि की। विशेष रूप से, यह प्रस्तावित किया गया कि शिक्षा व्यक्तिगत उत्पादकता में सुधार कर सकती है और आर्थिक विकास की निहित शक्ति बढ़ा सकती है, गरीबी और भुखमरी को समाप्त करने, स्वास्थ्य में सुधार करने और महिला-पुरुष समानता को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।

शिक्षा एक मानव अधिकार, एक सार्वजनिक भलाई और एक सार्वजनिक जिम्मेदारी है। शिक्षा बच्चों को गरीबी से बाहर निकलने की सीढ़ी और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रदान करती है। लेकिन वर्तमान दुनिया में अभी भी लगभग 24.4 करोड़ बच्चे और किशोर स्कूल से बाहर हैं। 61.7 करोड़ बच्चे और किशोर पढ़ने में असक्षम हैं और गणित के बुनियादी सवाल हल नहीं कर सकते हैं। वहीं, उप-सहारा अफ्रीका में केवल 40 प्रतिशत से कम लड़कियों ने जूनियर हाईस्कूल पूरा किया है, और लगभग 40 लाख बच्चे और युवा शरणार्थी स्कूल से बाहर हैं। उनका शिक्षा का अधिकार खतरे में है।

साल 2024 अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस की थीम “स्थायी शांति के लिए सीखना” है। आज की दुनिया को रूस-यूक्रेन संकट, मध्य पूर्व में युद्ध, अफ्रीकी देशों में संघर्ष आदि संघर्षों के अलावा, बढ़ते जलवायु परिवर्तन, लगातार असमानता, बढ़ते भेदभाव, घृणास्पद भाषण, हिंसा और मुठभेड़ का भी सामना करना पड़ रहा है, शांति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की प्रतिबद्धता पहले से कहीं अधिक जरूरी है, और शिक्षा इस प्रयास के केंद्र में है और भविष्य में इन चुनौतियों से निपटने और रोकने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है।

विकास मानव समाज का शाश्वत विषय है। निरंतर विकास से ही कोई देश या राष्ट्र विश्व में मजबूती से खड़ा रह सकता है। वर्तमान में, चीन ने दुनिया में सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली का निर्माण किया है, और इसके शैक्षिक आधुनिकीकरण का समग्र स्तर दुनिया के मध्य और उच्च-मध्यम देशों की श्रेणी में प्रवेश कर गया है। हाल के वर्षों में, चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए प्रतिभाओं और प्रौद्योगिकी की उच्च मांग है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया कि चीन साल 2035 तक शिक्षा के क्षेत्र में एक शक्तिशाली देश का निर्माण पूरा करेगा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रणाली, उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षक टीम की आवश्यकता है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं का प्रशिक्षण किया जा सकता है।  

साल 2021 से, चीन ने “उत्कृष्ट शिक्षक योजना” लागू करना शुरू किया, जिसके तहत, हर साल गरीबी से बाहर निकलने वाली और देश के मध्य व पश्चिमी थलीय सीमावर्ती 832 काउंटियों के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए लगभग 10 हज़ार स्नातक सामान्य छात्रों को प्रशिक्षित किया जाता है। 

साल 2023 में, चीन ने राष्ट्रीय उत्कृष्ट प्राथमिक और माध्यमिक स्कूली शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम, प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की वैज्ञानिक साक्षरता में सुधार के लिए कार्य योजना आदि का कार्यान्वयन शुरू किया।  

वर्तमान में, चीन में सभी स्तरों और प्रकारों पर 1 करोड़ 88 लाख से अधिक पूर्णकालिक शिक्षक हैं। उच्च गुणवत्ता वाले पेशेवर शिक्षकों की यह बड़े पैमाने की टीम दुनिया की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली का समर्थन करती है और चीनी राष्ट्र के शैक्षिक शक्तिशाली देश बनने के सपने का समर्थन करती है।

 (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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